मुंबई

मराठी न बोलने पर हिंदी भाषी से मारपीट, राज ठाकरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Marathi Row : हाल ही में मनसे पर निशाना साधते हुए बैंक कर्मचारी संघ ने कहा था कि अगर बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ मारपीट की गई तो वह सड़क पर उतरेंगे।
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Updated: 7 Apr 2025, 10:20 PM IST
Raj Thackeray Marathi row

Raj Thackeray MNS : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भारी विरोध के चलते मराठी भाषा आंदोलन को रोक दिया है। कहा जा रहा है कि राज्य सरकार के सख्त रुख को देखते हुए उन्हें यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन अभी भी राज ठाकरे की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। अब मराठी भाषा विवाद का मामला देश की शीर्ष कोर्ट में पहुंच गया है। एक संगठन ने राज ठाकरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका उत्तर भारतीय विकास सेना के प्रमुख सुनील शुक्ला ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज ठाकरे के भड़काऊ भाषणों के चलते महाराष्ट्र में हिंदी भाषी लोगों पर हमले हो रहे हैं और गैर-मराठी समुदाय में भय का माहौल बन गया है।

गौरतलब है कि गुढी पडवा के अवसर पर मुंबई में मनसे की सभा में राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को आदेश दिया था कि वे राज्यभर में बैंकों, दुकानों और अन्य संस्थानों में मराठी भाषा का उपयोग हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करें। इस दौरान उन्होंने मराठी बोलने से आनाकानी करने वालों की पिटाई करने के लिए भी कहा था। इसके बाद मनसे कार्यकर्ता राज्यभर में सक्रिय हो गए और बैंकों में जाकर मराठी का अनिवार्य उपयोग करने की मांग करने लगे। इस दौरान कुछ स्थानों पर जब बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मराठी बोलने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर मनसे कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई भी की।

मराठी मुद्दे पर मनसे के उग्र आंदोलन से बैंक कर्मचारी यूनियन भड़क गए और सीधे राज ठाकरे को चेतावनी दे दी। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी साफ कहा कि राज्य में मराठी के समर्थन में आंदोलन करना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शनिवार को राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से आंदोलन रोकने की अपील की।

ज्ञात हो कि बैंकों के अलाव हाल के दिनों में मुंबई के अंधेरी, पवई व कुछ अन्य जगहों पर भी मराठी नहीं बोलने पर हिंदी भाषी लोगों के साथ मनसे के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी, जिससे शहर में सामाजिक तनाव बढ़ गया था और कार्रवाई की मांग तेज होने लगी।

इस बीच, शीर्ष कोर्ट में सुनील शुक्ला द्वारा दायर याचिका में मांग की गई है कि चुनाव आयोग मनसे की मान्यता रद्द करे, क्योंकि यह पार्टी लगातार हिंदी भाषी समुदाय को निशाना बना रही है। फ़िलहाल राज ठाकरे और मनसे की ओर से इस याचिका पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मामला गरमाया हुआ है।

Updated on:
7 Apr 2025, 10:20 PM IST
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