3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मराठी भाषा के लिए हिंसा बर्दाश्त नहीं! CM फडणवीस की दो टूक, राज ठाकरे पर भड़का बैंक यूनियन

Marathi Row : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा है कि राज्य में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Updated: 4 Apr 2025, 11:17 PM IST

Devendra Fadnavis Raj Thackeray MNS

राज ठाकरे ने होटल में की सीएम फडणवीस से मुलाकात (फोटो- X)

महाराष्ट्र में मराठी भाषा के इस्तेमाल को लेकर जारी विवाद के बीच अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को चेतावनी दी है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) पर निशाना साधते हुए बैंक कर्मचारी संघ ने कहा कि अगर बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ मारपीट की गई तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। अब इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्त रुख अपनाया है और कहा है कि मराठी भाषा के इस्तेमाल की मांग को लेकर अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त लहजे में कहा है कि मराठी के समर्थन में कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुंबई में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा, “मराठी भाषा के इस्तेमाल पर जोर देना गलत नहीं है, लेकिन अगर इस दौरान कोई कानून को अपने हाथ में लेता है तो उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”

बीते दिनों ठाणे और पुणे जिलों में मनसे कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग राष्ट्रीयकृत बैंकों में जाकर जबरदस्ती मराठी भाषा के इस्तेमाल की मांग की। इस दौरान कुछ बैंक मैनेजरों के साथ बदसलूकी की गई और उन्हें धमकाया गया, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए।

ठाणे के अंबरनाथ शहर और पुणे के लोनावला में मनसे कार्यकर्ताओं ने बैंकों के प्रबंधकों से ग्राहकों से मराठी में संवाद करने को कहा। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो मनसे कार्यकर्ता भड़क गए। वहीँ, लोनावला की घटना में तो जब एक मराठी भाषी बैंक कर्मचारी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो मनसे कार्यकर्ताओं ने उसे कई थप्पड़ मारे, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और शिकायत दर्ज की गई।

यह भी पढ़े-‘मनसे को आखिरी चेतावनी….’, मराठी न बोलने पर हिंदी भाषी लोगों की पिटाई पर भड़की चिराग पासवान की LJP

इतना ही नहीं, मनसे कार्यकर्ताओं ने ठाणे के एक राष्ट्रीयकृत बैंक के मैनेजर को तो मराठी नहीं आने पर राज्य से बाहर करने की धमकी दे डाली।

गुड़ी पड़वा के दिन, 30 मार्च को आयोजित एक मेळाव्यात मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी मराठी भाषा को लेकर तीखा रुख अपनाया था। उन्होंने मंच से कहा था, “जो जानबूझकर मराठी नहीं बोलेगा, उसे थप्पड़ मारा जाएगा।” इस बयान के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं का रवैया और आक्रामक होता दिखाई दे रहा है।

बैंक को राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं- यूनियन

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉई एसोसिएशन के संयुक्त सचिव देवीदास तुलजापुरकर ने राज ठाकरे पर हमला बोलते हुए कहा, उन्हें यह करके सिर्फ राजनीतिक स्टंट करना था, लेकिन इसके लिए बैंकों को राजनीतिक अखाड़ा बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने मनसे के आंदोलन पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ मारपीट की गयी तो वे भी सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।

बता दें कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीत नहीं पाने वाली मनसे अब मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक और नागपुर जैसे महानगरों में आगामी चुनावों से पहले मराठी अस्मिता के मुद्दे को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने 30 मार्च को गुड़ी पड़वा के मौके पर आयोजित पार्टी रैली में चेतावनी देते हुए कहा था कि जो लोग जानबूझकर मराठी भाषा नहीं बोलेंगे, उन्हें थप्पड़ मारा जाएगा।

यह भी पढ़े-CM फडणवीस के एक फैसले से महाराष्ट्र सरकार में बढ़ी एकनाथ शिंदे की ताकत, आदेश जारी

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़