
(मुबंई/पालघर): पालघर से बीजेपी के लिए विचलित कर देने वाली खबर है। पालघर से बीजेपी के सांसद स्वर्गीय चिंतामन वनगा की पत्नी और बेटा बीजेपी से किनारा कर शिवसेना शामिल हो गए है।
चिंतामन वनगा पालघर से लोकसभा के सदस्य थे जिनका दिल का दौरा पड़ने से दिल्ली में मौत हो गई थी। चिंतामन के देहांत के बाद पालघर सीट खाली हो गई। रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव करवाना आवश्यक है। ऐसे में स्वर्गीय चिंतामन वनगा पत्नी और बेटे का बीजेपी से दूरी बनाकर शिवसेना में शामिल होना बीजेपी के लिए चिंताजनक विषय है। वनगा की पत्नी जयश्री चिंतामण वनगा और प्रफुल्ल वनगा ने यह कहते हुए बीजेपी से किनारा किया कि पार्टी में उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। बता दे कि चिंतामन को महाराष्ट्र के पालघर जैसे पिछड़े इलाकों में बीजेपी का विस्तार करने का श्रेय जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस संबंध में बताते हुए जयश्री चिंतामण ने कहा कि "चिंतामण ने पार्टी के लिए अद्धितिय कार्य किया पर बीजेपी ने हमे सिरे से नजरअंदाज किया है। इस संबंध में हमने देवेंद्र फड़नवीस और पार्टी के राज्य अध्यक्ष राव साहब दानवे से मुलाकात के लिए वक्त मांगा पर उन्होंने हमारी बात का कोई जवाब नहीं दिया।"
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दोनो का पार्टी में आने पर स्वागत किया। इस सीट पर चुनाव लड़ने की बात पर ठाकरे ने कहा कि पार्टी ने पालघर और भंडारा गोदिया सीट पर होने वाले चुनाव के बारे में अभी कुछ तय नहीं किया है पर स्वर्गीय चिंतामन के परिवार के हमारे साथ आने पर हमें संबल मिला है। इस विषय पर पार्टी सामूहिक रूप से निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी में शामिल होने वाले नए सदस्यों ने उनसे कोई मांग नहीं की है पर शिवसेना में शामिल होने का उनका फैसला सराहनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चिंतामन वनगा का बहुत आदर करते है और उनके परिवार के निर्णय का स्वागत करते है।