
(मुंबई): महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर की जमानत याचिका मंजूर कर उन्हें जमानत दे दी है।
मनी लॉड्रिंग मामले में गिरफ्तार हुए थे भुजबल
भुजबल मनी लॉड्रिंग मामले में मार्च 2017से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। दिसंबर 2017 में मुंबई की विशेष पीएमएलए कोर्ट से छगन भुजबल की जमानत याचिका खारिज होने के बाद भुजबल ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी, जिसे अब मंजूर कर लिया गया है। इस याचिका में भुजबल की ओर से इस बात को शामिल किया गया था कि उन्हें हिरासत में रखे जाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि इस मामले में पूर्व में ही आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। बता दें कि भुजबल को ईडी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में भुजबल की संपत्ति को जब्त भी किया गया था। जेल में करीब एक साल गुजारने के बाद भुजबल को राहत मिली है।
मालुम हो कि बीते दिनों जेल में भुजबल की सेहत के खराब होने की खबरें सामने आई थी। उनके वकिल ने भी जमानत याचिका में इस बात का जिक्र किया था कि भुजबल की उम्र लगभग 71 साल है उनका स्वास्थय भी बीते दिनों खराब था। ऐसे में जमानत का मिलना उनके लिए बड़ी राहत की बात है। भुजबल की जमानत के लिए सही समय पर जमानज याचिका लगाई गई जिससे उन्हें रिहाई मिलने का रास्ता आसान हो गया। बता दें कि गत वर्ष दिसंबर में उच्चतम न्यायालय की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों को हटाए जाने के बाद भुजबल ने जमानत की अर्जी दाखिल की थी। इस प्रावधान को ऐक्ट से हटाए जाने के बाद कानून के तहत जेल में बंद लोगों को जमानत मिलना सरल हो गया है।
Updated on:
04 May 2018 06:16 pm
Published on:
04 May 2018 06:22 pm
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