मुंबई

Mumbai: 19 साल के शातिर ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर बनाया पॉर्न जाल, 22 महिलाओं को बना चुका है अपना शिकार

मुंबई पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है जो 22 महिलाओं को ठगी का शिकार बना चुका है। दरअसल, जिन महिलाओं ने सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी तस्वीरें लगा रखी थीं। आरोपी उन तस्वीरों को एडिट कर अश्लील क्लिप बना देता था। इसके बाद उन क्लिप का उपयोग कर महिलाओं से पैसे वसूलने के लिए धमकी दिया करता था।

3 min read
Jul 27, 2022

मुंबई में हर दिन ठगी का नया तरीका तैयार किया जा रहा है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में महज 19 साल के एक लड़के को गिरफ्तार किया है, जो अब तक करीब 22 महिलाओं को अपना शिकार बना चुका था। इस शातिर इस शख्स ने मुंबई की करीब दो दर्जन महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स खासकर इंस्टाग्राम से उनकी तस्वीरों को लेकर और उन तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करता था। आरोपी ने पहले तो अश्लील क्लिप बनाता था और फिर इसको हटाने के एवज में महिलाओं से पैसों की डिमांड करता था।

पुलिस ने इस लड़के को जबरन वसूली और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया की आरोपी फोटो हटाने के लिए 500 रुपए से 4 हजार रुपये तक की मांग करता था। आरोपी महिलाओं से अलग-अलग तरीके से पैसे ऐंठता था। अगर पैसे तुरंत दिया गया, तो वह 500 रुपए चार्ज करेगा, और पैसे देने में देरी होने पर 1,000 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: शिंदे सरकार जल्द तैयार करेगी आम आदमी के लिए 100 दिन की योजना, जनता को मिलेगा बड़ा लाभ

इस मामले की जांच के बाद मुंबई पुलिस ने 19 वर्षीय प्रशांत आदित्य को गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के मुताबिक 10वीं क्लास में फेल होने के बाद प्रशांत आदित्य ने मास्क बनाने वाली एक कंपनी में काम करना चालु कर दिया था। बता दें कि प्रशांत आदित्य सिर्फ अपने समुदाय की महिलाओं को ही अपना शिकार बना रहा था। वहीं 14 जुलाई के आसपास एक ही समुदाय की कम से कम 22 महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों ने इस मामले को लेकर एंटॉप हिल पुलिस को इस मामले की सुचना दी। इन महिलाओं ने पुलिस को बताया कि आरोपी द्वारा भेजी जाने वाली अश्लील क्लिप के कारण वे मानसिक यातना, भय और उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। भेजी जाने वाली क्लिप ज्यादातर 30 सेकंड की होती थी।

इसके बाद पुलिस एक्शन में आई और जांच में पाया कि कुछ केस में जिन महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपने बच्चों की तस्वीरों को अपने डीपी के रूप में लगाया था, उन्हें वही तस्वीरें 'आरआईपी' लिखने के साथ भेजी गई थी, जिससे महिलाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मन में डर बैठ गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न, वसुली आदि के आरोप में आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले की जांच के लिए एसीपी अश्विनी पाटिल के नेतृत्व में और डीसीपी संजय पाटिल की देखरेख में एक टीम को लगाया गया।

बता दें कि वरिष्ठ निरीक्षक नासिर कमलपाशा कुलकर्णी ने कहा कि पुलिस को आशंका है कि आदित्य ने एंटॉप हिल में 22 समेत कुल 49 महिलाओं को निशाना बनाया था, लेकिन इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही की जा सकेगी। पुलिस ने जांच में पाया कि आदित्य ने महिलाओं को जो क्यूआर कोड भेजा था वो गुजरात की एक ट्रैवल एजेंसी का निकला। आरोपी ने बताया था कि उसका कोई बैंक खाता नहीं है और वे अपने सैलरी के लिए क्यू आर कोड का उपयोग करना चाहता है। जिसके बाद उसे हर लेनदेन का 50 रुपए फीस लेने की तर्ज पर कोड को उपयोग करने की अनुमति मिली थी।

इसके बाद दो अधिकारियों ने आदित्य के आईपी एड्रेस का पता लगाया। जिसके बाद अन्य आरोपी के मोबाइल नंबर का विवरण एकत्र किया और उसे उसके घर से गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी का फोन जब्त कर लिया है और इसे जांच पड़ताल के लिए आगे भेजा जाएगा।

एक अदालत ने फिलहाल आरोपी को 29 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के बाद आरोपी का कहना है कि किसी ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक कर लिया था और उसे भी इसी तरह से पीड़ित किया गया था, जिसके चलते उसने इसका बदला लेने के लिए यह करना शुरू कर दिया।

Updated on:
27 Jul 2022 04:10 pm
Published on:
27 Jul 2022 04:08 pm
Also Read
View All