Mumbai Anti Narcotics Cell Drugs Factory Raid: मुंबई एंटी नारकोटिक्स सेल की छापेमारी के दौरान लगभग 513 किलोग्राम एमडी ड्रग्स पकड़ी गयी है. एमडी ड्रग्स को ‘मेफेड्रोन’ या 'म्याऊ म्याऊ' भी कहा जाता है। यह राष्ट्रीय स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।
Drugs Factory In Ankleshwar Of Bharuch: नशे के सौदागरों के खिलाफ मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई एंटी नारकोटिक्स सेल की वर्ली यूनिट ने गुजरात (Drugs Factory in Gujarat) के भरूच जिले के अंकलेश्वर इलाके में खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की और एक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
अधिकारीयों ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स सेल की छापेमारी के दौरान लगभग 513 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गयी। जब्त किये गए ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1,026 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही एक महिला समेत 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह भी पढ़े-Vinayak Mete Accident: विनायक मेटे की मौत के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, पत्नी ने जताया साजिश का शक
बता दें कि एमडी ड्रग्स को ‘मेफेड्रोन’ या 'म्याऊ म्याऊ' भी कहा जाता है। यह राष्ट्रीय स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है।
इसे पहले पिछले बुधवार को मुंबई पुलिस ने पालघर जिले के नालासोपारा में एक दवा बनाने वाली इकाई पर रेड कर 1403 करोड़ रुपये कीमत का 701.74 किलो ड्रग्स जब्त किया था। तब पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। एएनसी ने दावा किया कि ड्रग्स की खेप को मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
इस मामले में पकड़ा गया 52 वर्षीय मुख्य आरोपी आर्गेनिक केमिस्ट्री में पोस्टग्रेजुएट (Masters in Organic Chemistry) है, जिसने खुद से मेफेड्रोन ड्रग्स बनाने का तरीका सिखा और यह काला कारोबार शुरू किया। इस कार्रवाई में मुंबई से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक व्यक्ति को नालासोपारा में पकड़ा गया। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है।