
मुंबई में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से मानसूनी बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले सात दिनों में मुंबई में मानसून की बीमारियों में तेजी देखी गई है। मलेरिया के मामलों में जहां 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है तो वहीं डेंगू के मामलों में 16 प्रतिशत मामले बढ़े है। वहीं, दूसरी तरफ इन बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ये मामले और बढ़ सकते है। साथ ही लोगों से सेल्फ मेडिकेशन ना करने का अभी अनुरोध किया है।
5 से लेकर 11 सितंबर के बीच मुंबई में डेंगू के मामलों की संख्या 51 थी, जबकि मलेरिया के 118 मामले थे। लेकिन 12 से लेकर 18 सितंबर के बीच की अवधि में डेंगू के 59 और मलेरिया के 191 मामले सामने आए। इसके साथ ही हेपेटाइटिस के मामले जो पिछले सप्ताह 10 थे उनमें भी उछाल नजर आया है और अब 31 मामले हो गए हैं जबकि गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामलों में 83 से 87 हो गया है। यह भी पढ़ें: Maharashtra: ग्राम पंचायत चुनाव परिणामों से गदगद सीएम एकनाथ शिंदे, विधानसभा इलेक्शन को लेकर कह दी ये बात
बता दें कि पिछले एक हफ्ते में मुंबई में लेप्टोस्पायरोसिस के मामले 12 से गिरकर 9 हो गए हैं, जबकि एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में 0 से 3 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुंबई में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश की वजह से इन बीमारियों में वृद्धि दर्ज की गई है।
डेंगू और मलेरिया से कैसे करें बचाव: बता दें कि डेंगू और मलेरिया मच्छर जनित रोह हैं और बेहद ही खतरनाक बुखार हैं। ऐसे में बचाव बहुत जरूरी है। डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए घर और आसपास पानी इकठ्ठा न होने दे और पूरी साफ-सफाई रखें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और रात को सोते समय मच्छदानी का उपयोग करें। कूलरों का पानी नियमित रूप से बदलते रहें और उनमें भी मच्छरों को मारने की दवाई का छिड़काव करें। बुखार आने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें और उचित उपचार कराएं।