एफडीए डिपार्टमेंट ने मुंबई के मस्जिद बंदर इलाके में छापेमारी करके नकली चाय बनाने के एक अड्डे का खुलासा किया है। इस छापेमारी में 1264 किलो ग्राम नकली चायपत्ती बरामद की गई है। दुकानों पर मिलने वाली चाय में उपयोग होने वाली चाय की पत्ती स्वास्थ्य के लिये नुकसानदायक हो सकती है।
चाय की लत जिसको लग जाय फिर जल्दी छूटती नही है। आज हर शहर-हर बाजार में चाय की दुकानों की भरमार लग गई है। चाय के विक्रेता चाय की दुकानों के नाम ऐसे-ऐसे रखते हैं कि ग्राहक खुद ब खुद खिंचा चला जाता है। क्या दुकानों पर मिलने वाली चाय में उपयोग होने वाली चाय की पत्ती स्वास्थ्य के लिये घातक साबित हो सकती है। इस पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि मुंबई एफडीए की छापेमारी में नकली चाय की पत्ती बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है।
इस फैक्ट्री की चायपत्ती मुंबई के तमाम इलाकों में सप्लाई की जाती थी। मुंबई एफडीए डिपार्टमेंट ने मस्जिद बंदर इलाके में छापेमारी करके नकली चाय बनाने के एक अड्डे का खुलासा किया है। मस्जिद बंदर से एफडीए डिपार्टमेंट को चाय के ऐसे सैंपल मिले हैं जिसमें चाय की पत्ती को स्वादिष्ट और चाय का एक खास रंग लाने के लिए केमिकल कलर का उपयोग किया जाता था। जो लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में 85 साल के बुजुर्ग ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, 37 मिनट में दिखाए 37 प्रकार का वाटर योगा
इस मामले में एफडीए के अधिकारियों ने बताया कि उनकी टीम ने नकली चाय की पत्ती बनाने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी करके 1264 किलो ग्राम नकली चाय की पत्ती जब्त की हैं। यह चायपत्ती मुंबई के तमाम इलाकों में चाय की दुकानों पर सप्लाई की जाती थी।
नकली चाय की इस फैक्ट्री को बिना किसी लाइलेंस के चलाया जा रहा था। यहां बनने वाली चाय की पत्ती बेहद ही गंदे तरीके से बनाया जा रहा था। फिलहाल इस सैंपल को लैब में जांच के लिये भेजा गया है और ये किस प्रकार से चाय पीने वाले लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी जांच की जा रही है।