मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया हैं। मुंबई के माहुल इलाके में एक बोतल बंद पानी तैयार करने वाली कंपनी के वाटर प्लांट पर छापेमारी हुई है। यह कार्रवाई गुणवत्ता की जांच करने वाली संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने की है।
देश में करीब 10 दिन के बाद दिवाली का त्यौहार आने वाला है। अक्सर त्योहारों के मौसम में मिलावटी खाद्य पदार्थो की बिक्री बढ़ जाती है। जिसपर लगाम लगाने के लिए एफडीए या अन्य एजेंसियां कार्रवाई करती हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला मुंबई से सामने आया हैं। मुंबई के माहुल इलाके में एक बोतल बंद पानी तैयार करने वाली कंपनी के वाटर प्लांट पर छापेमारी की गई है। यह कार्रवाई गुणवत्ता की जांच करने वाली संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने की है।
इस कार्रवाई के साथ ही ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) ने ऐसी दागी कंपनी और लोगों के खिलाफ त्योहार से पहले एक्शन लेने का पूरा मन बना लिया है। गुणवत्ता की जांच करने वाली संस्था बीआईएस के अधिकारियों ने बिसलेरी की फ्रेंचाइजी कंपनी 'प्रतिमा फूड एंड बेवरेजेस' के प्लांट पर सख्त एक्शन लिया है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: अंधेरी विधानसभा उपचुनाव में शिंदे खेमे ने BJP के लिए छोड़ी सीट, सामने आई असली वजह
बता दें कि कुछ दिनों पहले मुंबई के माहुल इलाके से बीआईएस की टीम ने इस प्लांट से पानी के कुछ सैंपल कलेक्ट किए थे। जिसकी जांच में यह पानी पीने लायक नहीं मिला। इसके बाद प्लांट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बीआईएस ने "स्टॉपवर्क" के ऑर्डर जारी किया था। बावजूद इसके रात में चोरी से प्रतिबंधित प्लांट में पानी का गोरखधंधा जारी था। इसकी खबर मिलते ही बीआईएस अधिकारियों ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
बीआईएस के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले के खुलासे के बाद इन प्रोडक्ट्स को लेकर जीएसटी घोटाले की भी आशंका है, जिसकी जांच जारी है। शुरूआती जांच में एजेंसी को यह भी पता चला है कि मार्केट में किसी को शक न हो इसलिए, ये फ्रेंचाइजी कंपनी बिसलेरी के असली जार में ही पानी पैकेजिंग कर बेच रही थी। बीआईएस अधिकारियों को इस बात का भी शक है कि बिसलेरी कंपनी के कुछ स्टाफ की भी मिलीभगत हो सकती है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि अगर ब्रांडेड कंपनी की आड़ में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर भी घटिया क्वालिटी का बेचा जाएगा तो लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ेगा। इस मामले में रागिनी मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस बारे में किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इस कार्रवाई के बाद दोनों कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती है।