मुंबई में खसरे के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने एक अहम फैसला किया है। जिसके तहत अब मुंबई में मौजूद मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के माध्यम से वैक्सीनेशन का एलान किया जाएगा। ताकि अधिक से आशिक लोगों को इसके बारे में पता चल सके। इस बाबत बीएमसी ने मौलानाओं के साथ बैठक भी है।
मुंबई में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। खसरे से सबसे अधिक पूर्वी उपनगर का गोवंडी इलाका प्रभावित है। यहां के अधिकांश मुसलमान परिवारों का वैक्सीनेशन के प्रति नकारात्मक रवैया है। टीके के प्रति मुसलमानों को जागरूक करने के लिए बीएमसी ने यहां के मौलाना का सहारा लिया है। बीएमसी के अनुरोध पर अब यहां की सभी मस्जिदों से बच्चों का वैक्सीनेशन कराने का एलान किया जाएगा।
इसकी शुरुआत आज यानी 18 नवंबर को जुमे की नमाज से होगी। मुंबई के आठ वॉर्डों में से खसरे का सबसे अधिक प्रकोप एम- ईस्ट वॉर्ड के गोवंडी के झुग्गी झोपड़पट्टी परिसर में है। मुंबई में अब तक खसरे के 8 संदिग्ध मरीजों की जान जा चुकी है। इनमें से चार गोवंडी के बच्चे थे। इसके साथ ही खसरे के कुल मरीजों में से एक तिहाई मरीज इसी गोवंडी इलाके में पाए गए हैं। फिलहाल मुंबई में 164 बच्चे खसरे से प्रभावित हैं। इनमें से कइयों ने टीके नहीं लिए थे या आंशिक रूप से वैक्सीनेशन करवाया था। यह भी पढ़े: Nashik Toilet Special Report: सरकारी स्कूलों में ‘सेल्फी विथ टॉयलट’ प्रतियोगिता, अधिकारी का आदेश; मचा बवाल
बता दें कि इस बारे में बीएमसी के एक वरिष्ठ हेल्थ अधिकारी ने बताया कि मुंबई के गोवंडी में अधिकांश आबादी मुसलमानों की है और यहां के लोग बच्चों को टीका लगवाने से डरते हैं। कई लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि वैक्सीनेशन से उनके बच्चों को कुछ हो न जाए। इन भ्रांतियों से निपटने के लिए बीएमसी अब मौलाना की मदद ले रही है। बुधवार को प्राइवेट डॉक्टरों के साथ मिलकर मदरसों में दस्तक देने के बाद गुरुवार को एम- ईस्ट वॉर्ड ऑफिस में मौलानाओं की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में क्षेत्र की मस्जिदों के इमामों को बीएमसी हेल्थ डिपार्टमेंट ने आमंत्रित किया था।
इस बैठक में 32 मस्जिदों के मौलानाओं समेत इलाके के डॉक्टर्स संगठन के पदाधिकारी, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि, वॉर्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेंद्र उबाले, मेडिकल अफसर, डॉक्टरों के संगठन 'उमा' के महासचिव डॉक्टर जाहिद खान और हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम मौजूद थी। इस बैठक में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ मुजीब सैय्यद, डॉ उपाली मित्रा ने उपस्थित मौलानाओं को खसरे के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन कितनी कारगर है, यह समझाया गया। मौलानाओं ने बीएमसी से हर संभव मदद करने की बात कही।
900 से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर खोले: बता दें कि कैबिनेट बैठक के बाद सीएम शिंदे ने मुंबई में खसरा प्रकोप नियंत्रण पर समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने मुंबई में खसरे की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की पूरी जानकारी दी। कमिश्नर चहल ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए 900 से ज्यादा सेंटर खोले गए हैं और वैक्सीनेशन के समन्वय के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जा रही है।
खसरे के प्रकोप को नियंत्रण में लाने के लिए हॉस्पिटल में इलाज करा रहे बच्चों के वैक्सीनेशन पर जोर देने के साथ उनका विशेष ध्यान रखा जाए। खसरे से होने वाली मृत्यु दर को शून्य की जाना चाहिए। इस आदेश के साथ राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अलग-अलग धर्मगुरुओं की मदद लेने का भी आदेश बीएमसी को दिया है।