
मुंबई.महाराष्ट्र के शिक्षकोंको अब रोजाना के लेसन प्लान तैयार करने से मुक्ति मिल गई है। भारतीय जनता पार्टी शिक्षक आघाड़ी के प्रयास के कारण विद्या प्राधिकरण ने आदेश जारी करके शिक्षण निरीक्षक बृहन्मुम्बई, शिक्षणाधिकारी ( प्राथमिक एवं माध्यमिक ), शिक्षणाधिकारी महानगरपालिका, नगरपालिका, नगरपरिषद् और विद्यालयों के मुख्याध्यापकों को इस बाबत आदेश जारी किया है।
प्लान जबरजस्ती मांगा जाता था
भाजपा शिक्षक आघाड़ी मुंबई -कोकण विभाग के संयोजक अनिल बोरनारे के अनुसार, इसका सीधा फायदा राज्य के साढ़े सात लाख शिक्षकों को होगा। शालेय शिक्षण विभाग ने 22 जून 2015 को एक शासन निर्णय जारी करके शिक्षकों से ऐसा कोई लेसन प्लान न मांगा जाय ऐसा आदेश दिया था, फिर भी राज्य के कई सारे विद्यालयों में लेसन प्लान जबरजस्ती मांगा जाता था।
बचेगा शिक्षण का समय...
विदित हो कि भाजपा शिक्षक आघाड़ी ने 26 जुलाई 2019 को अनिल बोरनारे की अगुवाई में मा. शिक्षण मंत्री आशीष शेलार और विद्यार्थी विकास के अवर सचिव से मुलाकात की व इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। अवर सचिव ने 1 अगस्त 2019 को विद्या प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा। वहीं विद्या प्राधिकरण ने शिक्षकों का लेसन प्लान बंद करने का आदेश जारी किया गया। रोज लेसन प्लान तैयार करने के कारन शिक्षकों का औसतन 1 घंटा समय बेकार जाता था। वहीं मासिक व वार्षिक नियोजन में भी इतना ही समय व्यर्थ होता था। इस आदेश के चलते शिक्षकों का समय बचेगा और इस समय का सदुपयोग शिक्षक विद्यार्थियों के शैक्षणिक गुणवत्ता में बृद्धि के लिए कर सकेंगे।