
महाराष्ट्र में सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। उद्धव ठाकरे खेमे को बॉम्बे हाईकोर्ट से फिर झटका लगा है। उद्धव गुट के सांसद राजन विचारे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अर्जी दायर की थी। ये याचिका शिंदे समर्थकों द्वारा ठाणे शहर में बड़े स्तर पर मनाया जाने वाला दीपोत्सव प्रोग्राम रोकने के लिए दाखिल की गई थी। लेकिन इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राजन विचारे को झटका देते हुए एकनाथ शिंदे गुट को दीपोत्सव प्रोग्राम की अनुमति दे दी हैं।
उद्धव गुट के सांसद राजन विचारे ने शिंदे खेमे के समर्थकों द्वारा ठाणे शहर में बड़े पैमाने पर मनाया जाने वाला दीपोत्सव प्रोग्राम को रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में पेटिशन दाखिल की थी। राजन विचारे ने आरोप लगाए थे कि शिंदे खेमे के युवा सेना की तरफ से फेक डाक्यूमेंट्स देकर दीपोत्सव कार्यक्रम की अनुमति ली गयी है। यह भी पढ़े: Nashik News: गोलगप्पा बेचने वाले दिव्यांग कपल ने जीता लोगों का दिल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बता दें कि इसके साथ ही याचिका में ये कहा था कि शिंदे खेमे और ठाकरे गुट दीवाली जैसे मौके पर आमने-सामने आ सकते हैं और ऐसे में लॉ एंड आर्डर की स्थिति पैदा हो सकती है। इस मामले में आज बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई की और राजन विचारे को झटका देते हुए शिंदे खेमे को दीपोत्सव प्रोग्राम की अनुमति दे दी हैं।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ पार्टी की उम्मीदवार ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने का निर्देश दिया था। जज नितिन जामदार और जज शर्मिला देशमुख की पीठ ने बताया कि बीएमसी कमिश्नर द्वारा इस मामले में इस्तीफे पर फैसले के संबंध में विवेकाधिकार का उपयोग करना या न करना ‘‘मनमाना’’ था।