मुंबई

तरबूज नहीं, चूहे मारने की दवा बनी काल! मुंबई में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत का राज खुला

Mumbai Watermelon Food Poisoning Death: मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पुष्टि हुई है कि उनकी मौत तरबूज खाने से नहीं, बल्कि चूहे मारने की जहरीली दवा के कारण हुई थी।

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May 07, 2026
तरबूज नहीं, इस जहरीली दवा से हुई डोकाडिया परिवार के 4 सदस्यों की मौत (Photo: X/IANS)

मुंबई के पायधुनी इलाके में पिछले महीने एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में जिस तरबूज को मौत की वजह माना जा रहा था, अब जांच में वह दावा गलत साबित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, परिवार के चारों सदस्यों की मौत चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायन ‘जिंक फॉस्फाइड’ के कारण हुई थी।

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आंतरिक अंगों की जांच में मिला जिंक फॉस्फाइड

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसरीन (35) और बेटियों आयशा (16) व जैनब (13) के आंतरिक अंगों की जांच की गई। विशेषज्ञों को जांच के दौरान जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले, जो आमतौर पर चूहों को मारने वाली दवा में इस्तेमाल होता है।

इस खुलासे के बाद साफ हो गया है कि परिवार की मौत तरबूज खाने से नहीं हुई थी। इससे पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने भी कहा था कि शुरुआती जांच में घर में मिले तरबूज व खाने-पीने की अन्य चीजों में कोई भी जहरीला या हानिकारक पदार्थ नहीं मिला है।

गलती से खाया या है कोई साजिश? जांच जारी

हालांकि अब भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डोकाडिया परिवार ने चूहे मारने की दवा गलती से खाई थी या फिर मामला आत्महत्या से जुड़ा है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

एक अधिकारी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि पूरे परिवार ने आत्महत्या की है या उन्हें जहर देकर किसी ने मारा है।

फ़िलहाल मामले की जांच जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में चल रही है। पुलिस ने परिवार के रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए हैं।

घर में रखी थी छोटी पार्टी, आधी रात के बाद खाया था तरबूज

परिजनों और अधिकारियों के अनुसार, डोकाडिया परिवार ने 25 अप्रैल की रात अपने रिश्तेदारों के लिए घर पर एक छोटी पार्टी रखी थी। रात दस बजे के करीब उन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ घर पर बनी चिकन बिरयानी खायी थी। मेहमानों के जाने के बाद रात करीब एक बजे परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया। इसके कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत खराब होने लगी। उन्हें तेज उल्टी और दस्त शुरू हो गए। सुबह होते-होते उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन एक-एक कर चारों की मौत हो गई।

पहले फूड पॉइजनिंग की आशंका

घटना के बाद शुरुआत में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा था। तरबूज को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं जताई गई थीं। हालांकि अब मेडिकल जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जहरीला पदार्थ परिवार तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे की असली वजह क्या थी।

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Updated on:
07 May 2026 08:05 pm
Published on:
07 May 2026 08:04 pm
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