Maharashtra Cabinet Dicision: महाराष्ट्र सरकार इन फैसलों में न केवल मेट्रो और रेलवे के विकास के लिए, बल्कि सड़कों और वाणिज्यिक केंद्रों के विकास के लिए भी बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Cabinet Meeting) ने बुधवार को मुंबई, पुणे, ठाणे और नागपुर शहरों के लिए कई अहम फैसले किए हैं। इन निर्णयों का सीधा असर आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था पर दिखाई देगा। मेट्रो परियोजनाओं को गति देने से लेकर उपनगरीय रेल सेवाओं का विस्तार और सड़क तथा व्यावसायिक केंद्रों के विकास तक, सरकार ने इन शहरों को आधुनिक बनाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मुंबई में आणिक डेपो-वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया तक मेट्रो लाइन-11 को मंजूरी दी गई है, जिस पर 23,487 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होगा। पुणे में पिंपरी-चिंचवड से निगडी, स्वारगेट से कात्रज, वनाज से चांदणी चौक और रामवाडी से वाघोली तक मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी मिली है। स्वारगेट-कात्रज रूट पर बिबवेवाडी और बालाजीनगर नामक दो नए स्टेशन बनाने के लिए भी 683 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही कात्रज स्टेशन को 421 मीटर दक्षिण की ओर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
ठाणे में इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना (Thane Ring Metro Project) और नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण के लिए आवश्यक कर्ज को मंजूरी दी गई है। मुंबई लोकल के लिए शहरी परिवहन परियोजना चरण-3 और 3ए के तहत नई लोकल ट्रेनें खरीदने का आधा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसी तरह पुणे-लोनावला लोकल के तीसरे और चौथे ट्रैक का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। ठाणे से नवी मुंबई एयरपोर्ट तक एलिवेटेड रोड को सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत विकसित किया जाएगा।
नागपुर में सरकार ने 692 हेक्टेयर जमीन पर ‘इंटरनेशनल बिजनेस एंड फाइनेंस सेंटर’ विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही शहर के चारों ओर बाहरी रिंग रोड और उससे जुड़े चार ट्रांसपोर्ट हब बनाए जाएंगे।
फडणवीस सरकार के इन फैसलों से साफ है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों की पहचान बेहतर मेट्रो, लोकल ट्रेन और अत्याधुनिक यातायात सुविधाओं से होगी। जिससे राज्य के आर्थिक विकास की गति बढ़ेगी।