मुंबई में हुनर की कमी नहीं है। स्पेशल एबिलिटी वाले लोगों के लिए मुंबई में अर्पण कैफे खोला गया है जो इन लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। इस कैफे में स्पेशल एबिलिटी वाले 14 लोग काम करते हैं। इन सभी लोगों को अपनी-अपनी योग्यता के हिसाब से काम सौंपा गया है।
मुंबई शहर में टैलेंट की कमी नहीं है। इस शहर में जहां हर किसी को जिंदगी में एक बार अपनी शर्तों पर जीने का मौका मिलता है यहां लोग हर परिस्थिति में अपने आप को ढाल लेते हैं और आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। मुंबई शहर हर किसी को अपना लेता है। ऐसे में शहर में कई ऐसी चीजें भी नजर आती हैं जो अपने आप में एक मिसाल हैं। मुंबई में हमने अक्सर अलग-अलग प्रकार के और कई कॉन्सेप्ट के रेस्टोरेंट भी दिखते हैं।
दुनिया में स्पेशल एबिलिटी के साथ रोजाना करीब लाखों बच्चे पैदा होते हैं। इस दौरान जिंदगी में आगे बढ़ते समय उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्पेशल एबिलिटी वाले लोग जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए काफी मेहनत करते है। इनको अपने हक के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्पेशल एबिलिटी वाले लोगों के लिए मुंबई में अर्पण कैफे खोला गया है जो इन लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: घर-घर प्रदूषण मापक यंत्र लगा रहे हैं मुंबईकर, जानें आखिर क्या है मजबूरी?
बता दें कि इस कैफे में स्पेशल एबिलिटी वाले 14 लोग काम करते हैं। इन सारे लोगों को अपनी-अपनी योग्यता के मुताबिक काम सौपा गया है। इसके लिए उनको सैलरी भी दी जाती है। मुंबई का यह अनोखा कैफे केवल स्पेशल एबिलिटी वाले लोगों को ही काम पर रखता है। इस कैफे में सारे काम वही लोग करते हैं।
इस कैफे के शेफ भी वही हैं और वेटर भी। कैफे की सारी जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है। रेस्टोरेंट की को -फाउंडर अशिता महाजन ने बताया की उन्होंने साल 2018 में यह कैफे खोला था। तब यह एक टिफिन सर्विस था। यह पूरी मुहिम यश चेरिटबल ट्रस्ट द्वारा चलाई जाती है जिसमें कुल मिलाकर 22 लोग काम करते हैं जिसमें अर्पण कैफे और अर्पण टिफिन सर्विस भी शामिल है। उन्होंने बताया कि हम एक विशेष तिथि और अखरोट मफिन बनाते हैं, जो शुगर फ्री है, इसलिए हम उन लोगों को पूरा कर सकते हैं जिनके आहार प्रतिबंध हैं। हम केवल ग्लूटेन-मुक्त, शाकाहारी और जैन विकल्पों के साथ शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसते हैं।