
Mumbai Water Stock: मुंबईवासियों के लिए पानी को लेकर बड़ी राहत की खबर है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली सातों झीलों में पानी का स्टॉक 94 फीसदी के पार पहुंच गया है। बीएमसी (BMC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 6 बजे मुंबई का कुल जल भंडार 94.29 फीसदी दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 94.15 फीसदी था। सातों झीलों में कुल 13,64,737 मिलियन लीटर (ML) पानी जमा है। इन झीलों की कुल उपयोगी जल भंडारण क्षमता 14,47,363 ML है। यानी मुंबई के जलाशय अब अपनी लगभग पूरी उपयोगी क्षमता तक पहुंच चुके हैं।
मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली प्रमुख झीलों में मोडक सागर, विहार और तुलसी 100 फीसदी भर चुकी हैं। वहीं तानसा झील में 98.69 फीसदी पानी है। जबकि मिडिल वैतरणा में जल भंडार 94.22 फीसदी, जबकि मुंबई के पानी का सबसे बड़ा स्रोत माने जाने वाले भातसा में 94.38 फीसदी उपयोगी जल भंडार दर्ज किया गया है। वहीं अपर वैतरणा में पानी का स्टॉक 87.13 फीसदी है। इस तरह अधिकांश जलाशय अपनी अधिकतम उपयोगी क्षमता के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
गुरुवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान मुंबई की जल आपूर्ति करने वाली झीलों के कैचमेंट क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। अपर वैतरणा में 13 मिमी, भातसा में 4 मिमी, मिडिल वैतरणा में 4 मिमी, मोडक सागर में 3 मिमी, विहार में 7 मिमी और तुलसी में 3 मिमी बारिश हुई। तानसा में इस दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। जुलाई महीने में लगातार भारी बारिश के कारण झीलों के जलस्तर में तेजी से सुधार हुआ है और कई जलाशय ओवरफ्लो भी कर चुके हैं।
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, अपर वैतरणा से 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया था, जबकि मिडिल वैतरणा के पानी डिस्चार्ज गेट भी 6 जुलाई को बंद कर दिए गए थे। तानसा झील 22 जुलाई को ओवरफ्लो हुई, जबकि इसके अगले दिन 23 जुलाई को मोडक सागर भी बहने लगा। विहार और तुलसी झीलों में इससे पहले ही ओवरफ्लो शुरू हो गया था। अब सातों झीलों में कुल पानी भंडार 94.29 फीसदी होने के साथ ही मुंबई और उपनगरों में जलापूर्ति को लेकर चिंता काफी कम हो गई है।