20 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सड़क पर पुलिस ले रही ड्राइवरों का टेस्ट, मराठी में कमजोर चालकों को एक महीने की मोहलत; नहीं सुधरे तो परमिट रद्द करने की चेतावनी

Marathi language test auto taxi drivers: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य। मुंबई के दादर में RTO ने सड़क पर लिया ड्राइवरों का टेस्ट, कमजोर पाए जाने पर 1 महीने की मोहलत और परमिट रद्द करने की चेतावनी।
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Imran Ansari

Aug 20, 2026

Marathi language test auto taxi drivers

मराठी में कमजोर चालकों को एक महीने की मोहलत, फोटो सोर्स- AI

Mumbai RTO Marathi test: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार और परिवहन विभाग (RTO) ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार के आधिकारिक आदेश के तहत अब सड़कों पर सीधे चालकों की व्यावहारिक मराठी भाषा की जांच की जा रही है। मुंबई के दादर ईस्ट सहित कई प्रमुख इलाकों में RTO अधिकारियों ने सड़क पर उतरकर चालकों का ऑन-द-स्पॉट भाषा टेस्ट लिया। इस जांच में जो चालक मराठी बोलने या समझने में कमजोर पाए गए हैं, उन्हें भाषा सुधारने के लिए एक महीने की मोहलत दी गई है।

सड़क पर कैसे लिया जा रहा है टेस्ट?

RTO अधिकारियों की टीमें मुंबई के व्यस्त इलाकों में ऑटो और टैक्सी चालकों को रोककर उनसे रोजमर्रा के संवाद और दिशा-निर्देशों से जुड़े सवाल मराठी में पूछ रही हैं। चालकों से यात्रियों से बातचीत करने, किराए और रास्तों की जानकारी मराठी में देने से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। इस दौरान जो चालक मराठी में असहज या असमर्थ दिख रहे हैं, उनका रिकॉर्ड दर्ज कर उन्हें 30 दिनों के भीतर भाषा सीखने का नोटिस थमाया जा रहा है।

क्या कहता है सरकार का आदेश?

महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवा (ऑटो-टैक्सी) देने वाले चालकों के लिए स्थानीय भाषा यानी मराठी का ज्ञान होना अनिवार्य नियम है। मोटर वाहन नियमों के तहत परमिट और चालक बैज (Badge) जारी करने की प्राथमिक शर्तों में मराठी भाषा का ज्ञान शामिल है। एक महीने की मोहलत खत्म होने के बाद यदि चालक दोबारा जांच में विफल रहते हैं, तो उनका चालक बैज तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा। बार-बार नियम का उल्लंघन करने या भाषा सीखने में असमर्थ रहने पर चालक का ऑटो/टैक्सी परमिट पूरी तरह रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

क्यों लागू किया गया यह फैसला?

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में रोजाना लाखों लोग ऑटो और टैक्सी से सफर करते हैं, ऐसे में चालकों का स्थानीय भाषा में संवाद कर पाना जरूरी है। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच भाषा की वजह से होने वाली परेशानी को कम करना, शिकायतों का समाधान आसान बनाना और आपात स्थिति में दोनों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही परमिट जारी करते समय तय की गई शर्तों का सख्ती से पालन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। RTO अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आने वाले दिनों में मुंबई के ताड़देव, अंधेरी, वडाला और बोरीवली समेत अन्य RTO क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग