
Nagpur Election Result 2026:महाराष्ट्र के नागपुर में स्नातक सीट पर जीत के बाद कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने भाजपा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नागपुर अब भाजपा का गढ़ नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस का गढ़ बन चुका है। वंजारी ने अपनी जीत की वजह पिछले छह साल में युवाओं, छात्रों और पढ़े-लिखे लोगों के बीच लगातार काम करना बताया। जीत के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से चुनाव कराने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसे बंद करने की मांग आगे और तेज होगी।
नागपुर संभाग की स्नातक सीट पर दोबारा जीतने के बाद वंजारी ने कहा कि छह साल पहले जब वे पहली बार चुने गए थे, तब इस क्षेत्र में कई काम अधूरे थे। उन्होंने स्नातकों की समस्याओं को समझने और उन्हें दूर करने पर ध्यान दिया। इसके लिए युवाओं, छात्रों और शिक्षाविदों से लगातार संपर्क बनाए रखा और अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए उनकी बातें सुनीं।
वंजारी के मुताबिक, लोगों के बीच लगातार मौजूद रहने और उनकी समस्याओं पर काम करने का फायदा चुनाव में मिला। उन्होंने कहा कि यह जीत कई साल की मेहनत का नतीजा है। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि अब नागपुर की यह सीट भाजपा के बजाय कांग्रेस का मजबूत गढ़ बन गई है।
वंजारी ने कहा कि महाराष्ट्र समेत देश के दूसरे हिस्सों में भी युवा कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। उन्होंने इसका श्रेय राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद और लोगों से सीधे जुड़ने के प्रयासों को भी दिया। उनके मुताबिक, युवाओं की समस्याएं सुनने और उनसे बातचीत करने से कांग्रेस को लोगों के करीब पहुंचने में मदद मिली है।
उन्होंने महाराष्ट्र में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी ने राज्य की तीनों स्नातक सीटों पर जीत हासिल की है। वंजारी ने इसे गठबंधन के काम का नतीजा बताया।
जीत के बाद वंजारी ने EVM से चुनाव कराने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं और इसके विरोध में प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वंजारी के मुताबिक, EVM से चुनाव कराने की व्यवस्था बंद करने की मांग अब और जोर पकड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर फैसला लेना पड़ेगा।
हालांकि, अपने बयान में वंजारी ने EVM में गड़बड़ी के आरोपों के समर्थन में कोई नया सबूत नहीं दिया। ऐसे में उनकी टिप्पणी को इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख के तौर पर देखा जा सकता है।
नागपुर को लंबे समय से भाजपा का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में स्नातक सीट पर जीत के बाद वंजारी ने इसे कांग्रेस के लिए बड़ी कामयाबी बताया। हालांकि, एक सीट का नतीजा पूरे नागपुर या महाराष्ट्र में राजनीतिक समर्थन की तस्वीर नहीं बताता। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस इस जीत को दूसरे चुनावों में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए किस तरह इस्तेमाल करती है।