29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Nagpur MLC Result: फिर हाथ नहीं आया नागपुर! भाजपा का सियासी गणित फेल, कांग्रेस की धमाकेदार जीत

Nagpur Graduates Election Result 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को विजेता घोषित किया गया। नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ माना जाता है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Updated: 29 Oct 2026, 9:32 AM IST

Nagpur Graduate Constituency Result

नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस का कब्जा, BJP को बड़ा झटका (Photo: IANS/File)

Congress wins Nagpur Graduate Constituency: महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर विभागीय स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा को करारी शिकस्त दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य (MLC) अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। गुरुवार को 40 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया गया।

इस चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी प्रचार अभियान में हिस्सा लिया था। इसके बावजूद भाजपा को अपने मजबूत गढ़ में हार का सामना करना पड़ा। शुरुआती मतगणना में बढ़त बनाने वाले सुधाकर कोहाले आखिरकार जीत हासिल नहीं कर सके।

कांग्रेस की ये रणनीति पड़ी भारी?

जीत के बाद प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा, "मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि मेरी जीत तय है। भले ही मेरी जीत का अंतर कम रहा हो, लेकिन पिछले छह वर्षों से मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में जो काम किया है, यह जीत उसी काम पर मुहर की तरह है। 'जो जीता वही सिकंदर और मैं जीत गया हूं।' यह भाजपा की राजनीति के खिलाफ लोगों की ओर से दिया गया जनादेश है।"

निर्दलीय उम्मीदवार कराले मास्टर के बारे में बात करते हुए वंजारी ने कहा, "नितेश कराले मेरे छोटे भाई जैसे हैं और मित्र हैं। उन्हें मिले वोट किसी के भी हों, लेकिन जीत हमारी हुई है। उनके दूसरी वरीयता के वोट मुझे मिले हैं। यह हमारी रणनीति का हिस्सा था। मैं शुरू से ही कह रहा था कि यह चुनाव प्रचार से ज्यादा रणनीति का चुनाव है। 'शक्ति से ज्यादा युक्ति श्रेष्ठ होती है', यह बात आज सच साबित हुई है।"

पहली वरीयता के मतों में भाजपा आगे, फिर कैसे पलट गया परिणाम?

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के शुरुआती दौर में भाजपा के सुधाकर कोहाले ने बढ़त बना ली थी। पहली वरीयता के मतों की गिनती में कोहाले को 60,924 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट हासिल हुए। इस तरह कोहाले ने 4,294 मतों की बढ़त बना ली थी।

हालांकि, यह बढ़त निर्णायक साबित नहीं हुई। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दूसरी वरीयता के मतों की गिनती भी महत्वपूर्ण होती है। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले (कराले मास्टर) को 24 हजार से ज्यादा वोट मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों पर सबकी नजरें टिकी थीं।

दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद मुकाबले का पूरा गणित बदल गया। अंतिम परिणाम में अभिजीत वंजारी को 67,231 वोट मिले, जबकि सुधाकर कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

गडकरी, फडणवीस ने लगाया था पूरा जोर

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृह क्षेत्र होने के साथ-साथ नागपुर को लंबे समय से भाजपा और RSS का मजबूत गढ़ माना जाता है।

भाजपा ने इस चुनाव में पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को मैदान में उतारा था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके समर्थन में प्रचार किया और मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगाई। इसके बावजूद कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत हासिल कर भाजपा की रणनीति को झटका दिया।

खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इससे नागपुर में भाजपा के पारंपरिक प्रभाव और स्नातक मतदाताओं के रुझान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।

15106 वोट अवैध, मतगणना में बना अहम मुद्दा

इस चुनाव में अवैध मतों की बड़ी संख्या भी चर्चा का विषय रही। कुल 1,65,541 वोटों में से 15,106 मत अवैध घोषित किए गए। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इतनी बड़ी संख्या में मतपत्रों का अवैध होना असामान्य माना जा रहा है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुधाकर कोहाले के नाम के सामने केवल अंक '2' लिखे होने वाली कई मतपत्रों के कारण भी अवैध मतों की संख्या बढ़ी। हालांकि, अवैध मतों का अंतिम परिणाम पर कितना प्रभाव पड़ा, यह मतगणना के विस्तृत आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस चुनाव में पहली वरीयता के मतों में बढ़त के बावजूद भाजपा उम्मीदवार की हार और दूसरी वरीयता के मतों के बाद बदले परिणाम ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना प्रक्रिया को सुर्खियों में ला दिया है।

नागपुर में कांग्रेस की जीत के सियासी मायने?

नागपुर में कांग्रेस की इस जीत को महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा के लिए एक अहम झटके के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के प्रचार करने के बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत से कांग्रेस को राजनीतिक मजबूती मिली है।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग