
महाराष्ट्र के नागपुर के महल इलाके में सोमवार रात धार्मिक ग्रंथ जलाने की अफवाह के बाद हिंसा भड़क उठी। घटना रात करीब 8:30 बजे की है। हिंसक भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की और दो जेसीबी मशीनों समेत कई वाहनों में आग लगा दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस उपद्रव में कई पुलिसकर्मी घायल बताये जा रहे है, जबकि एक फायर कर्मी भी जख्मी हुआ है। हिंसा के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाये रखें की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। उन्होंने पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया है। अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे इलाके में धारा 163 लगा दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की, जो कि गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत हो उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
डीसीपी (नागपुर) अर्चित चांडक ने कहा, "यह घटना कुछ गलतफहमी के कारण हुई। स्थिति अभी नियंत्रण में है। पुलिस बल मौजूद है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे घर से बाहर न निकलें...या पत्थरबाजी न करें। पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल का प्रदर्शन किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया...कुछ वाहनों में आग लगा दी गई, हमने फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझाई...कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, पथराव के दौरान मेरे पैर में भी हल्की चोट आई। लेकिन हम सभी से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हैं...अफवाहों पर भरोसा न करें...कानून व्यवस्था को न बिगाड़ें और पुलिस का सहयोग करें। हम कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री और नागपुर से सांसद नितिन गडकरी ने कहा, "कुछ अफवाहों के कारण नागपुर में धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हुई है। नागपुर शहर का इतिहास ऐसे मामलों में शांति बनाए रखने का रहा है। मैं अपने सभी भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें। सड़कों पर न निकलें। कानून व्यवस्था में सहयोग करें। शांति और सद्भाव की परंपरा को बनाए रखें जिसके लिए नागपुर जाना जाता है। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने गलती की है या अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं। मुख्यमंत्री को पहले ही इस स्थिति के बारे में सूचित किया जा चुका है, इसलिए मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अफवाहों पर ध्यान न दें। कृपया पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, प्रेम बढ़ाएं और शहर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें। यह मेरा आप सभी से विनम्र अनुरोध है।"
बताया जा रहा है कि नागपुर के महल इलाके में इस अफवाह के बाद हिंसा फैल गई कि सोमवार को औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए बजरंग दल द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में पवित्र ग्रंथ कुरान जलाया गया। हालांकि बजरंग दल ने आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान केवल औरंगजेब का पुतला फूंका था।
नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ रविंदर सिंघल ने कहा, "स्थिति नियंत्रण में है। एक तस्वीर जलाई गई थी जिसके बाद लोग जमा हुए और उनके निवेदन पर हमने कार्रवाई की। लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिलने मेरे ऑफिस भी आया था। हमने एफआईआर दर्ज की थी।"