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K. भाग्यराज के हार्ट अटैक से निधन के बाद भावुक हुए अनिल कपूर, याद किया ‘बेटा’ और ‘वो सात दिन’ के पीछे का अनसुना किस्सा

Anil Kapoor Emotional Post: केंचादुर सुभ्रमण्यम भाग्यराज, जिन्हें हमारे बीच प्यार से के. भाग्यराज के नाम से जाना जाता है, उनके हार्ट अटैक से निधन की खबर ने फिल्म जगत को शोक में डूबा दिया है। बॉलीवुड के एक्टर अनिल कपूर ने भी इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
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Anil Kapoor

Anil Kapoor and K Bhagyaraj (IMDb)

Anil Kapoor Emotional Post : इंडियन सिनेमा के फेमस एक्टर और फिल्ममेकर के. भाग्यराज के निधन की खबर ने भारतीय सिनेमा जगत को गहरा सदमा दिया है। उनके जाने के बाद बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर ने इमोशनल नोट करते हुए बताया कि भाग्यराज सिर्फ एक बेहतरीन लेखक-निर्देशक नहीं थे, बल्कि उनकी कहानियों ने हिंदी सिनेमा की कई यादगार फिल्मों और स्टार्स के करियर को नई दिशा दी।

अनिल कपूर ने खास तौर पर फिल्म 'वो सात दिन' का जिक्र किया

अनिल कपूर ने बताया कि कुछ समय पहले ही उन्हें एक पारिवारिक इवेंट में भाग्यराज से मिलने का मौका मिला था और उस मुलाकात की यादें अब हमेशा उनके साथ रहेंगी। उन्होंने बताया कि के. भाग्यराज की रचनात्मक सोच अपने समय से कहीं आगे थी और उनकी लिखी कहानियां आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।

बता दें, एक्टर ने खास तौर पर फिल्म 'वो सात दिन' का जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक बताया। उनके मुताबिक, इस फिल्म की मजबूत कहानी और स्क्रीनप्ले ने न सिर्फ उन्हें पहचान दिलाई, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई नए लोगों के लिए भी अवसरों के दरवाजे खोले।

के. भाग्यराज को उनके योगदान के मुकाबले उतनी पहचान नहीं मिली

एक्टर अनिल कपूर ने सुपरहिट फिल्म 'बेटा' को भी याद किया और कहा कि ये भाग्यराज की दमदार लेखनी का ही परिणाम था। उन्होंने बताया कि फिल्म के अधिकार हासिल करने के बाद इसे नए रूप में दर्शकों तक पहुंचाया गया और ये अपने दौर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म की कामयाबी ने कई स्टार्स और निर्माताओं के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि उन्होंने ये भी कहा कि 'मुझसे शादी करोगी' जैसी सफल फिल्म के पीछे भी भाग्यराज की कहानी और स्क्रीनप्ले की अहम भूमिका थी। भले ही फिल्मों को हिंदी दर्शकों के अनुरूप ढाला गया, लेकिन मूल विचार और रचनात्मक आधार हमेशा भाग्यराज का ही रहा।

अनिल कपूर ने अपने नोट में एक्सेप्ट किया कि के. भाग्यराज को उनके योगदान के मुकाबले उतनी पहचान नहीं मिली, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। उन्होंने कहा कि उनकी लेखनी ने कई पीढ़ियों के कलाकारों, निर्देशकों और निर्माताओं को प्रेरित किया और भारतीय सिनेमा को समृद्ध बनाया। लास्ट में एक्टर ने भाग्यराज के परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विरासत उनकी फिल्मों और कहानियों के जरिए हमेशा जीवित रहेगी।

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