नाशिक पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। महाराष्ट्र में नासिक ग्रामीण पुलिस ने विवाह के लिए लड़कियों की तस्करी में कथित तौर पर शामिल पांच सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस बात की जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को दी है।
महाराष्ट्र पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। महाराष्ट्र के नाशिक ग्रामीण पुलिस ने शादी के लिए लड़कियों की तस्करी में कथित तौर पर शामिल पांच सदस्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस बात की जानकारी मंगलवार को पुलिस के एक अधिकारी ने दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सचिन पाटिल ने कहा कि 23 जुलाई को जिले के ओझार से 14 वर्षीय एक नाबालिक के लापता होने के बाद नाशिक पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज से प्रियंका देवीदास पाटिल को ढूंढ निकाला।
सचिन पाटिल ने कहा कि प्रियंका ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी दोस्त रत्ना वीरकम कोली की मदद से धुले जिले के शिरपुर में एक महिला और एक पुरुष को 1.75 लाख रुपए में लड़की बेच दी। पाटिल के मुताबिक, जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जल्द ही रत्ना कोली और सुरेखाबाई जागो भिला को शिरपुर से गिरफ्तार कर लिया। यह भी पढ़ें: Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में इस दिन होगा कैबिनेट का विस्तार, सामने आई यह बड़ी अपडेट
बता दें कि एसपी सचिन पाटिल ने बताया कि दोनों महिलाओं ने पिछताछ में बताया कि उन्होंने अगुवा की हुई लड़की को शादी के लिए गुजरात के वडोदरा भेजा है। सचिन पाटिल ने कहा कि पुलिस के एक दल ने लड़की को आखिर में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से छुड़ाया और नानूराम येदु मंसारे और गोविंद नानूराम मंसारे को हिरासत में लिया है।
एसपी सचिन पाटिल ने कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उन्हें शादी के लिए दूल्हों को बेच देते थे। इन आरोपियों पर पहले भी कई लड़कियों का अपहरण करने का संदेह है। इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 के तहत अपहरण का मामला दर्ज करके आगे की जांच की जा रही है।