Maharashtra Panvel News: मामले के शिकायतकर्ता रायगढ़ जिले के पेन तालुका के रावे के रहने वाले है। ज्योति की हत्या 6 दिसंबर 2015 को कसारभाट (Kasarbhat) में मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाकर की गई थी।
Navi Mumbai Crime News: महाराष्ट्र के नवी मुंबई में रहने वाले दहेज (Dowry) के लोभियों को सात साल बाद उनके कुकर्मों की सजा मिली है। पनवेल कोर्ट (Panvel Court) ने दहेज को लेकर जिंदा जलाई गई महिला के पति और ससुर को सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा के साथ 60,000 रुपये का जुर्माना ठोका है।
मृतक ज्योति म्हात्रे को उसके 35 वर्षीय पति नीलेश म्हात्रे और 53 वर्षीय सास मालती म्हात्रे ने सात साल पहले दहेज़ के लिए जिंदा जलाकर मार दिया था। दोनों पिछले सात साल से तलोजा जेल में बंद हैं। कोर्ट ने जुर्माना राशि को ज्योति के पिता हीरामन को देने का आदेश दिया है। यह भी पढ़े-Thane: पतंग उड़ाते-उड़ाते काल के गाल में समा गया 13 साल का मासूम, भिवंडी में हुआ दर्दनाक हादसा
मामले के शिकायतकर्ता हीरामन रायगढ़ जिले के पेन तालुका के रावे के रहने वाले है। ज्योति की हत्या 6 दिसंबर 2015 को कसारभाट (Kasarbhat) में मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाकर की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में मृतक के 58 वर्षीय ससुर, उसकी भाभी के 41 वर्षीय पति भी आरोपी थे, लेकिन सबूतों के अभाव में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया। हीरामन ने 6 दिसंबर 2015 को चारों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या और मर्डर का मामला दर्ज करवाया था।