
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में वित्त मंत्रालय को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कोशिशें तेज हो गई हैं। सोमवार को पार्टी के छह वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय का जिम्मा फिर से NCP को देने की मांग उठाई गई। खास बात यह रही कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार इस मुलाकात में मौजूद नहीं थे। ऐसे में पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर चल रही बातचीत को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अमित शाह से मिलने वाले नेताओं में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल शामिल थे। ये सभी नेता महाराष्ट्र की राजनीति में NCP के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। पार्टी की मांग है कि महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय का विभाग उसे वापस दिया जाए। इस मुलाकात को इसी मांग को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना और NCP की महायुति सरकार बनने के बाद वित्त मंत्रालय अजित पवार को सौंपा गया था। वे उपमुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। 28 जनवरी 2026 को विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त मंत्रालय अपने पास रख लिया। इसके बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उन्हें वित्त विभाग नहीं मिला।
NCP तभी से इस विभाग को वापस लेने की कोशिश कर रही है। सितंबर में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। उस समय तय हुआ था कि वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेगा। अक्टूबर में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में भी NCP नेताओं ने फडणवीस से वित्त मंत्रालय वापस देने की मांग की थी।
सोमवार की दिल्ली बैठक में सुनेत्रा और पार्थ पवार के शामिल नहीं होने से इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। खासकर इसलिए कि इससे पहले सुनेत्रा खुद वित्त मंत्रालय की मांग को लेकर आगे रही हैं। अब छह वरिष्ठ नेताओं का उनके बिना अमित शाह से मिलना पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद सोमवार शाम चार बजे मुंबई में NCP की कोर कमेटी की बैठक भी रखी गई है। यह बैठक अजित पवार के आवास देवगिरी में होगी। इसमें पार्टी के संगठन, हाल के चुनावी नतीजों और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में NCP के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा था कि चुनाव में हार मिलने पर आत्ममंथन करना जरूरी है।
अब वित्त मंत्रालय की मांग के साथ NCP की आगे की रणनीति पर भी नजर है। यह विभाग पार्टी को मिलता है या मुख्यमंत्री के पास ही रहता है, इसका असर महायुति सरकार में NCP की भूमिका पर भी पड़ सकता है।