
दिया मिर्जा की दिवाली अपील पर रामदास आठवले ने उठाए सवाल। (फाइल फोटो-IANS)
Dia Mirza Diwali Controversy: दिवाली पर प्रदूषण कम करने की अपील करने वाली अदाकारा दिया मिर्जा को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के बाद अब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। आठवले ने दिया मिर्जा के संदेश को अनुचित बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में पड़ने के बजाय अपने अभिनय पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद दिवाली पर पटाखे चलाने और त्योहार मनाने के तरीके को लेकर छिड़ी बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कहा कि भारतीय संविधान हर धर्म के लोगों को अपने त्योहार मनाने का अधिकार देता है। दिवाली पर पटाखे चलाने की परंपरा रही है। इसी तरह ईद और रमजान के मौके पर भी अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं।
आठवले ने कहा कि उन्हें दिया मिर्जा का सोशल मीडिया संदेश उचित नहीं लगा। उन्होंने अभिनेत्री को राजनीति से दूर रहने और अपने काम पर ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना था कि किसी धर्म के खिलाफ इस तरह की पोस्ट करना ठीक नहीं है।
दरअसल, यह पूरा मामला मुंबई महानगरपालिका (BMC) के दिवाली जागरूकता अभियान से जुड़ा है। इस अभियान के तहत लोगों से त्योहार के दौरान प्रदूषण कम करने और पटाखों से बचने की अपील की गई थी। इसके लिए अभिनेत्री दिया मिर्जा, माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे समेत कई चर्चित हस्तियों के वीडियो बनाए गए थे।
दिया मिर्जा ने भी अपने संदेश में लोगों से पटाखे नहीं चलाने की अपील की थी। उनका जोर इस बात पर था कि दिवाली की खुशियां मनाते समय हवा की गुणवत्ता और लोगों की सेहत का भी ध्यान रखा जाए।
लेकिन उनका यह संदेश राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम ने वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि दिवाली जैसे त्योहार पर लोगों को पटाखे नहीं चलाने की सलाह क्यों दी जा रही है। उन्होंने BMC को भी इस मामले में टैग किया था।
इसके बाद महानगरपालिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दिया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। वीडियो हटने के बाद अभिनेत्री ने अपनी बात रखी और कहा कि उनका मकसद किसी को त्योहार मनाने का तरीका बताना नहीं था। वह केवल प्रदूषण और उससे होने वाले नुकसान को लेकर लोगों को जागरूक करना चाहती थीं।
इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने भी दिया मिर्जा की अपील पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि अभिनेत्री रमजान, मुहर्रम और बकरीद के दौरान भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऐसी अपील क्यों नहीं करतीं। राणे के इस बयान के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी।
अब रामदास आठवले के बयान ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर प्रदूषण कम करने की अपील है, तो दूसरी ओर त्योहार मनाने की परंपरा और धार्मिक भावनाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में दिया मिर्जा का एक जागरूकता संदेश अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
दिवाली पर प्रदूषण कम करने की अपील को लेकर अभिनेत्री दिया मिर्जा विवादों में हैं। अब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी उनके संदेश पर सवाल उठाते हुए राजनीति छोड़ एक्टिंग पर ध्यान देने की सलाह दी है।
Updated on:
2 Nov 2026, 4:04 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 4:04 PM IST
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