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Maharashtra News: बेटी को होटल शुरू करवाने का सपना अधूरा रह गया, दूसरों की मदद के लिए निकले ASI की हादसे में मौत

Ratnagiri Road Accident: मुंबई-गोवा हाईवे पर अंजणारी पुल के पास कंटेनर की टक्कर से पुलिस की बोलेरो खाई में गिर गई। हादसे में एएसआई संतोष गायकवाड़ समेत कंटेनर चालक और क्लीनर की मौत हो गई, जबकि एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल है।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 2 Nov 2026, 2:45 PM IST

Ratnagiri Road Accident

एएसआई संतोष गायकवाड़। फाइल फोटो- पत्रिका

Mumbai Goa Highway Accident: बेटी को होटल का कारोबार शुरू करवाना था। बेटे को पढ़ा-लिखाकर इंजीनियर बनाया। परिवार के भविष्य के लिए कई सपने संजोए थे, लेकिन दूसरों की मदद के लिए निकले 51 वर्षीय एएसआई संतोष गायकवाड़ खुद सड़क हादसे का शिकार हो गए। मुंबई-गोवा हाईवे पर अंजणारी पुल के पास हुए भीषण हादसे में उनकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कंटेनर ने मारी थी टक्कर

हादसा उस समय हुआ, जब एएसआई संतोष गायकवाड़ एक दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके के लिए निकले थे। हाईवे पर अंजणारी पुल के पास ढलान और घुमावदार रास्ते पर तेज रफ्तार से आ रहे कंटेनर ने पुलिस की बोलेरो गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन खाई में जा गिरे। हादसे में एएसआई संतोष गायकवाड़ के साथ कंटेनर चालक और क्लीनर की भी मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया।

बेटी के सपने को पूरा करना चाहते थे

संतोष गायकवाड़ अपनी बेटी को होटल का कारोबार शुरू करवाना चाहते थे। बेटी ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी कर ली थी और उसे होटल व्यवसाय में काफी रुचि थी। पिता भी उसकी इस रुचि को समझते थे। वह बेटी के सपने को पूरा करने के लिए होटल का व्यवसाय शुरू करवाने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए थे, लेकिन उनकी अचानक मौत से बेटी का यह सपना अधूरा रह गया। गायकवाड़ ने अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया। उनका बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है। परिवार में पत्नी, बेटा, बेटी, माता-पिता, भाई और भाभी हैं। उनके पिता भी पुलिस विभाग में नौकरी कर चुके हैं और कुछ साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं।

30 नवंबर को सेवा के 30 साल होते पूरे

संतोष गायकवाड़ ने वर्ष 1995-96 के दौरान महाराष्ट्र पुलिस सेवा में अपना करियर शुरू किया था। आगामी 30 नवंबर को उनकी सेवा के 30 साल पूरे होने वाले थे। अगले दो-तीन साल में उन्हें पुलिस उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नति मिलने की भी संभावना थी। गायकवाड़ मूल रूप से रत्नागिरी जिले की संगमेश्वर तहसील के पांचांबे गांव के रहने वाले थे। गांव के बांध के कारण कुछ परिवारों का सावर्डे के पास नायशी गांव में पुनर्वास किया गया था। बाद में संतोष गायकवाड़ रत्नागिरी के पास खेड़शी में बस गए थे।

सहयोगी और मददगार स्वभाव के थे

सहकर्मियों और मित्रों के बीच संतोष गायकवाड़ अपने मिलनसार और मददगार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह हर किसी के साथ प्रेम से पेश आते थे और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनके निधन से परिवार के साथ रिश्तेदारों, मित्रों और पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है। रत्नागिरी पुलिस दल की ओर से उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।