
Congress Party: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP - शरद चंद्र पवार) के कांग्रेस में विलय की अफवाहों और चर्चाओं के बीच अब कांग्रेस के दिग्गज नेता हुसैन दलवई का एक बड़ा बयान सामने आया है। दलवई ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि शरद पवार को अब अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
बता दें कि कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शरद पवार मूल रूप से कांग्रेसी ही हैं और वैचारिक रूप से दोनों पार्टियों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि 'शरद पवार ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और प्रगतिशील राजनीति का समर्थन किया है। आज देश और राज्य के जो हालात हैं, उसमें फासीवादी ताकतों को रोकने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होना होगा। शरद पवार साहब का कद बहुत बड़ा है, अगर वह अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करते हैं, तो इससे न केवल कांग्रेस मजबूत होगी, बल्कि महाराष्ट्र में विपक्ष को एक नई ताकत मिलेगी।'
आपको बता दें कि पिछले दिनों संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में शरद पवार की पार्टी (NCP-SP) ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया था। पार्टी ने सिर्फ 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसका स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर था। इन नतीजों के बाद खुद शरद पवार ने एक बयान में संकेत दिया था कि आने वाले समय में कई क्षेत्रीय दल अस्तित्व बचाने या देश हित में कांग्रेस के साथ आ सकते हैं या उसमें विलय कर सकते हैं। तभी से राजनीतिक पंडित इस बात के कयास लगा रहे थे कि क्या शरद पवार अपनी पार्टी का घर वापसी (कांग्रेस में विलय) कराएंगे।
महाराष्ट्र में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस नेता का यह बयान महाविकास अघाड़ी (MVA) के सीट शेयरिंग फॉर्मूले को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विलय की चर्चाएं आगे बढ़ती हैं, तो शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। बीजेपी और अजीत पवार गुट वाली एनसीपी (NCP) इस बयान को आधार बनाकर शरद पवार पर निशाना साध सकती है कि वे अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने में नाकाम हो रहे हैं।