बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन दिनों सुर्खियों में है। नितिन गडकरी ने बताया कि मैं हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से मिला था। अमिताभ बच्चन ने मुझसे बारिश के समय मुंबई की सड़कों पर पानी भरने और गड्ढों के विषय पर बात की।
केंद्रीय परिवहन मंंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी को हाल में पार्टी की सबसे अहम बॉडी संसदीय बोर्ड में शामिल नहीं किया है। इससे पहले नितिन गडकरी ने एक सभा में राजनीति छोड़ने की भी इच्छा व्यक्त की थी। गडकरी ने यह भी कहा था कि आज राजनीति सेवा करने का माध्यम नहीं बल्कि सत्ता पाने का मकसद बन गई है। गडकरी ने कहा था कि उन्हें कई बार ऐसा ख्याल आता है कि वे राजनीति से संन्यास ले लें। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरु कर दी है।
मुंबई के अंधेरी में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के दीक्षांत कार्यक्रम में नितिन गडकरी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब सड़कें तैयार होती हैं, पुल तैयार किए जाते हैं, तब नागरिकों का आने-जाने का समय के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल का खर्चा भी बचता है। ऐसे में वे भी खुशी-खुशी टोल टैक्स भरते हैं। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: अवैध विदेशी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ी, महाराष्ट्र में खोले जाएंगे डिटेंशन सेंटर
बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आगे कहा है कि वे ना तो कट आउट्स लगाएंगे और ना ही पोस्टर्स और बैनर्स लगाएंगे और ना ही कार्यकर्ताओं को चाय-नाश्ता करवाएंगे। फिर भी वोट देना है तो दो, वरना रहने दो। इसके बाद नितिन गडकरी ने कहा कि फिर भी लोग वोट देंगे। आज लोगों को काम करने वाला मंत्री चाहिए। अगर लोगों को काम करने वाला इंसान मिलता है तो वे अपनी जेब से पैसे भी निकालते हैं और वोट भी देते है। गडकरी ने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे और मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक का खर्च टोल के कलेक्शन से पूरा हो गया है। अब वे नरिमन प्वाइंट से वसई तक 15 मिनट में पहुंचने पर काम कर रहे हैं। लोगों को अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए, लोग काम करने वाले बंदे को ही पसंद करते हैं।
नितिन गडकरी ने बताया कि मैं हाल ही में वे बॉलीवुड के अभिनेता अमिताभ बच्चन से मिला था। अमिताभ बच्चन ने मुझसे बारिश के समय मुंबई की सड़कों पर पानी भरने और गड्ढों के बारे में बताया था। अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों से मैं यही कहना चाहता हूं कि दुनिया में जो तकनीकें मौजूद हैं, उनको लेकर वे जागरुक रहें और उनका पूरा अच्छे से उपयोग करें। एक अच्छी महानगरपालिका वही होती है जहां नागरिकों को अपनी प्रॉब्लम लेकर ऑफिस के चक्कर काटने ना पड़ें। ऑनलाइन तरीके से वे मोबाइल से ही अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें और लोगों की शिकायतों को जल्द से जल्द हल किया जाए।