उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का एक और विधायक असम में मौजूद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी खेमे में मंगलवार को शामिल होगा। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिवसेना विधायक राहुल वेदप्रकाश पाटिल शिंदे खेमे में शामिल हो सकते है। हालांकि शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े से अलग होने के दावों से राहुल पाटिल ने इनकार कर दिया है और स्पष्ट किया है कि वह गुवाहाटी नहीं जा रहे हैं।
Maharashtra Political Crisis Update: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ विद्रोह करने वाले शिवसेना के बागी विधायकों की संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है. ताजा जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का एक और विधायक असम में मौजूद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी खेमे में मंगलवार को शामिल होगा।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिवसेना विधायक राहुल वेदप्रकाश पाटिल शिंदे खेमे में शामिल हो सकते है। हालांकि शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े से अलग होने के दावों से राहुल पाटिल ने इनकार कर दिया है और स्पष्ट किया है कि वह गुवाहाटी नहीं जा रहे हैं। पाटिल ने कहा "मेरे गुवाहाटी जाने की खबर पूरी तरह से गलत है। इस संघर्ष के पहले क्षण से मैं शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे साहब और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे साहब के साथ मजबूती से खड़ा हूं।"
एक दिन पहले ही महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार में मंत्री रहे शिवसेना विधायक उदय सामंत (Uday Sawant) भी एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए थे। जबकि बीते हफ्ते शिंदे के कार्यालय द्वारा साझा किये गए एक विडियो में विधायक दिलीप लांडे (Dilip Lande) को गुवाहाटी के लग्जरी होटल में प्रवेश करने हुए दिखाया गया है, जहां पार्टी के विद्रोही नेता पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले हुए हैं।
मुंबई में चांदीवली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले लांडे के आने से बागी खेमे में शिवसेना के विधायकों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। हालांकि, शिंदे ने शिवसेना के कुल 55 विधायकों में से 40 और 12 निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दावा किया है।
शिंदे ने दावा किया है कि उनका गुट "असली शिवसेना" है. हाल ही में शिंदे ने 37 शिवसेना विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और विधानमंडल सचिव को भेजकर उन्हें विधायक दल के नेता के रूप में खुद की नियुक्ति और भरत गोगावाले की पार्टी के मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्ति के बारे में जानकारी दी थी।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने डिप्टी स्पीकर द्वारा 16 असंतुष्ट विधायकों को अयोग्यता नोटिस पर अपनी लिखित प्रतिक्रिया देने के लिए दिया गया समय भी 12 जुलाई तक बढ़ा दिया और महाराष्ट्र सरकार से शिवसेना के सभी बागी विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।