पटना का मोस्टवांटेड इनामी अपराधी रवि गोप को एसटीएफ की टीम ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक रवि गोप महाराष्ट्र में अपनी पहचान छिपा कर स्क्रैप का बिजनेस कर रहा था। रवि गोप को पुलिस पटना लेकर आ रही है। एक दर्जन से अधिक संगीन हत्या के मामले रवि पर दर्ज हैं।
बिहार के पटना का मोस्ट वांटेड इनामी अपराधी रवि गोप को एसटीएफ की टीम ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इस पर 50 हजार का ईनाम था। 14 साल से फरार रवि गोप पटना से भागकर नागपुर में जाकर छिप कर बैठा था। रवि गोप को पुलिस पटना लेकर आ गई है। रवि गोप पर करीब एक दर्जन से अधिक संगीन हत्या के मामले दर्ज हैं। रवि गोप पटना पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल था।
मिली जानकारी के मुताबिक, नागपुर में रवि गोप के होने की खबर मिलने पर पटना एसटीएफ की एक टीम महाराष्ट्र के लिए रवाना हुई, जहां घेरकर उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उसे पटना लेकर पहुंची है। फिलहाल रवि गोप से पूछताछ की जा रही है। यह भी पढ़ें: Maharashtra: पिछले 3 महीनों में 2 हजार से ज्यादा बिजली चोरी के मामले आए सामने, इस लिस्ट में मुंबई में सबसे आगे
बता दें कि एक समय में रवि गोप पटना का नामी डॉन था। राजन्द्र नगर रोड नंबर एक में इसका घर है। वह दवा, फर्नीचर व अन्य व्यवसायियों से रंगदारी वसूली करता था। रवि गोप ने नागपुर में अपना नया ठिकाना बना रखा था। नाम और पहचान बदलकर वह कई सालों से यहां स्क्रैप का बिजनेस कर रहा था। वहां रहकर भी वह पटना के व्यवसायियों से रंगदारी मांग रहा था।
पटना से भागने के बाद रवि गोप महाराष्ट्र के नागपुर से बैठकर पटना के व्यापारियों को धमकाता था और उनसे रंगदारी की रकम वसूला करता था। रवि गोप पर पटना के तीन थानों में कुल 16 मामले दर्ज किए गए है। नाला रोड में बीजेपी नेता क्रांति की हत्या भी रवि गोप ने ही की थी। यही नहीं पटना के ही अशोक गुप्ता और संग्राम सिंह को भी उसने मौत के घाट उतार दिया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शूटर गुड्डू शर्मा रवि गोप का ही दाहिना हाथ था जिसका साल 2005 में पुलिस ने दिल्ली में एनकाउंटर कर दिया था। वही रवि गोप पटना से भागकर महाराष्ट्र के नागपुर में छिप कर बैठा था। पटना एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, दिसंबर 2020 में रवि गोप के खिलाफ सुल्तानगंज थाने में मर्डर की कोशिश और आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।