
मनु जोसेफ ने सीएम विजय के बारे में क्या कहा? तमिलनाडु के नए सीएम और ऑथर मनु जोसेफ की फोटोज। (फोटो सोर्स: IMDb and @FinancialXpress)
Vijay Poverty Claims: विजय के तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद, उनके भाषण पर कुछ आलोचकों ने आपत्ति जताई है। इनमें जाने-माने ऑथर और स्क्रीन राइटर मनु जोसेफ भी शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने अपने फेसबुक हैंडल पर विजय के बचपन में गरीब होने के दावे को झूठ और पाखंडी बताते हुए कहा कि वो तमिल सुपरस्टार को चेन्नई के लोयोला स्कूल में तीसरी कक्षा में क्लास्स्मेट होने के समय से जानते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले भाषण में विजय ने कहा कि वो गरीबी में पले-बढ़े हैं और उन्हें भूख का भी अनुभव है।" इस पर जोसेफ ने विजय के पिता और दिग्गज फिल्म निर्माता एस.ए. चंद्रशेखर के बारे में करते हुए लिखा, 'मनु जोसेफ ने कहा यह सरासर झूठ है क्योंकि विजय लोयोला स्कूल में तीसरी कक्षा में मेरे साथ पढ़ते थे। उनके पिता एक फिल्म निर्माता रहे हैं जिन्होंने अपने बेटे को फिल्मी करियर बनाने में मदद की।”
इसके आगे उन्होने कहा, “हो सकता है कि बाकी फिल्म निर्माताओं की तरह उनके पिता को भी आर्थिक तंगी का सामना' करना पड़ा हो, लेकिन यह तमिल सिनेमा जैसी गरीबी नहीं है। कई अमीर घराने के लड़के कंगाली को गरीबी समझ बैठते हैं। ये दो बिल्कुल अलग बातें हैं। चंद्रशेखर विजय के जन्म (1974) तक ज्यादातर सहायक निर्देशक रहे और 1978 में ही निर्देशक बने।
जानकारी के लिए बता दें, 'विजय ने 1984 में अपने पिता द्वारा बनाई गई एक्शन क्राइम फिल्म 'वेट्री' में बाल कलाकार के रूप में एंट्री की थी और पिता की कई फिल्मों में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करते रहने के बाद, थलापति विजय को 1992 में आई एक्शन फिल्म 'नालैया थीरपु' से लीड हीरो के रूप में पहचान मिली। हालांकि, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही, लेकिन बाप-बेटे की इस जोड़ी ने 1993 में आई एक्शन रोमांस फिल्म 'सेंथूरपांडी' से शानदार वापसी की।
रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले भाषण में विजय ने कहा, “मैं जानता हूं कि गरीबी क्या होती है और भूख क्या होती है। मेरा कोई शाही खानदान नहीं है। मैं आप जैसा ही हूं, आप में से ही एक हूं। मैं आपके बेटे जैसा हूं, आपके भाई जैसा हूं।"
विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जब उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में जीत हासिल की और बाहरी समर्थन के साथ 118 के बहुमत के आंकड़े को पार किया। विजय ने आगे कहा कि जनता भी उन्हें अपने में से एक मानती है, इसलिए उसने उन्हें सिनेमा जगत में टॉप पर रखा और अब जब उन्होंने अपने चाहने वालों के लिए कुछ करने के इरादे से राजनीति में कदम रखा है, तो जनता ने उनके इस फैसले को दिल से स्वीकार किया और अपना पूरा समर्थन दिया है।
पत्रकार रह चुके मनु जोसेफ का ताल्लुक फिल्मी परिवार से है। उनके पिता जोसेफ मदापल्ली ने 1987 में मलयालम फिल्म 'थोरनम' का निर्देशन किया था। दिल्ली में रहने वाले मनु जोसेफ ने 2010 में बेस्टसेलर किताब 'सीरियस मेन' से लेखन की दुनिया में कदम रखा, जिसे सुधीर मिश्रा ने 2020 में नेटफ्लिक्स इंडिया पर फिल्म के रूप में पेश किया। इस फिल्म में जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जबरदस्त अभिनय किया था। वो नेटफ्लिक्स इंडिया के 2021 के कॉमेडी ड्रामा शो 'डीकपल्ड' के निर्माता और राइटर भी हैं। पिछले साल जोसेफ ने गरीबी पर एक किताब लिखी, 'व्हाई द पुअर डोंट किल अस', जिसने विवादों को जन्म दिया।
Updated on:
11 May 2026 05:40 pm
Published on:
11 May 2026 05:40 pm
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