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नेटफ्लिक्स को दो करोड़ भारतीयों ने करवाया 85 करोड़ का फायदा, इन दो महिलाओं का बड़ा रोल

Netflix India को दस साल हो गए। बेला बजारिया और मोनिका शेरगिल नाम की दो महिलाएं नेटफ्लिक्स की कामयाबी कहानी कैसे लिख रही हैं, पढिए।

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भारत

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Vijay Kumar Jha

Jan 10, 2026

10 Years of Netflix in India

नेटफ्लिक्स को भारत में 10 साल हो गए हैं। (PC: Netflix)

ओटीटी प्लैटफॉर्म नेटफ्लिक्स को इस साल 6 जनवरी को भारत में आए दस साल हो गए। कंपनी के लिए भारत दुधारू गाय साबित हो रही है। भारत, अमेरिका के बाहर नेटफ्लिक्स का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। बीते पांच साल में यहां कंपनी का मुनाफा 20 लाख से 85 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में और कोई ओटीटी प्लैटफॉर्म यह मुकाम बनाना तो दूर, मुनाफे में भी नहीं आ पाया।

बाकी ओटीटी सर्विस से महंगा होने के बावजूद नेटफ्लिक्स ने भारत में दो करोड़ के करीब सब्सक्राइबर्स बनाए हैं तो इसके पीछे कंटेंट का बड़ा रोल है। इस रोल को कामयाब बनाने के पीछे दो महिलाएं हैं। एक का नाम है बेला बजारिया और दूसरी हैं मोनिका शेरगिल

बेला बजारिया: पूर्व मिस इंडिया यूएसए और मिस इंडिया वर्ल्डवाइड

पूर्व मिस इंडिया यूएसए और मिस इंडिया वर्ल्डवाइड (1991) बेला नेटफ्लिक्स की चीफ कंटेंट ऑफिसर (सीसीओ) हैं। वह 2016 से कंपनी में हैं। जनवरी 2023 से सीसीओ की ज़िम्मेदारी संभाल रही हैं। नेटफ्लिक्स पर दिखने वाले कंटेंट की पूरी प्लानिंग के लिए वही जिम्मेदार हैं।

1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का रखती हैं पावर

190 देशों में 50 भाषाओं में कंटेंट तैयार करने के लिए बजारिया के पास 18 अरब डॉलर (करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये) का सालाना बजट होता है। फॉर्च्यून मैगजीन ने बजारिया को 'क्वीन ऑफ स्ट्रीमिंग' कहा था।

बेला के माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उनका जन्म लंदन में हुआ। वह भारत, अफ्रीका, इंग्लैंड और अमेरिका में पली-बढ़ी हैं। 1979 में जब वह नौ साल की थीं, तब उनके माता-पिता जाम्बिया से लॉस एंजिलिस आ गए थे। वहां उन्होंने कार साफ करने की वर्कशॉप खोली। शनिवार-इतवार को बेला भी वर्कशॉप पर कैशियर का काम करती थीं।

1995 में कॉलेज से निकलने के बाद उन्होंने CBS में असिस्टेंट की नौकरी शुरू की। उनका काम ऐसा शानदार था कि जब कंपनी के एक अफसर नौकरी छोड़ कर जाने लगा तो वह जगह बेला को दे दी गई।

नेटफ्लिक्स में काम करने से पहले बेला यूनिवर्सल टेलीविजन में प्रेसिडेंट थीं। टाइम मैगजीन ने 2022 में उन्हें सौ सबसे पावरफुल लोगों की सूची में शामिल किया था। वह पांच साल से लगातार फॉर्च्यून पत्रिका की सबसे पावरफुल महिलाओं की सूची में शुमार हो रही हैं। वह कई नामी गिरामी कंपनियों की बोर्ड में रही हैं।

मोनिका शेरगिल: करेस्पोंडेंट से वाइस प्रेसिडेंट तक

मोनिका शेरगिल दिल्ली के मिरांडा हाउस से पढ़ी हैं। उन्होंने 1995 में अंग्रेजी में बीए (ऑनर्स) किया। उसके बाद बतौर करेस्पोंडेंट व प्रोड्यूसर नौकरी शुरू की। नेटफ्लिक्स में वह सात साल से हैं और फिलहाल नेटफ्लिक्स इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (कंटेंट) हैं। बेला बजारिया का काम भारत में मोनिका ही देखती हैं। मोनिका शेरगिल भारत में नेटफ्लिक्स की पूरी कंटेंट लाइब्रेरी (फिल्म, सीरीज और अनस्क्रिप्टेड शो) की प्रमुख हैं।

नेटफ्लिक्स के लिए भारत में अभी भी अपार संभावनाएं

नेटफ्लिक्स को भारत में अभी भी अपार संभावनाएं दिख रही हैं। PwC (PricewaterhouseCoopers) की ताजा ग्लोबल एंटरटेनमेंट एंड मीडिया आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ओटीटी बाजार का कुल राजस्व 2024 में 2.3 अरब डॉलर था। 2029 में यह 3.5 अरब डॉलर होने का अनुमान है।

ओटीटी का बिजनेस

ओटीटी मार्केट में मुख्य रूप से दो तरह के वीडियो होते हैं। एक तो SVOD (Subscription video on demand), जिसे लोगों से पैसे लेकर देखने दिया जाता है। दूसरा, AVOD (advertising-based video on demand), जिसमें बिना पैसे दिए विज्ञापन के साथ वीडियो देखने को मिलता है। PwC की रिपोर्ट के मुताबिक 2029 तक OTT बाजार में कुल राजस्व का 68.8 SVOD से ही आएगा। हालांकि, AVOD से राजस्व भी बढ़ेगा, जिसके 2024 में 683 मिलियन डॉलर से 2029 में 960 मिलियन डॉलर हो जाने की उम्मीद है।

नेटफ्लिक्स की बादशाहत

नेटफ्लिक्स के दुनिया भर में 30 करोड़ ग्राहक बताए जाते हैं। Tracxn के मुताबिक कंपनी का कुल राजस्व 3842 करोड़ रुपये (39 अरब डॉलर) है। भारत में वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 63 फीसदी बढ़ा है।

किराए पर डीवीडी देती थी नेटफ्लिक्स

शुरू में नेटफ्लिक्स किराए पर डीवीडी देने वाली कंपनी थी। 29 अगस्त, 1997 को रीड हेस्टिंग्स और मार्क रैंडोल्फ ने कैलिफोर्निया में इसकी शुरुआत की थी। लोग वेबसाइट से DVD ऑर्डर करते थे और नेटफ्लिक्स उन्हें लाल लिफाफों में डाक के जरिए उनके घर भेजा करती थी।

एक समय ऐसा आ गया कि नेटफ्लिक्स ने खुद को बेच देने का फैसला किया। कीमत लगाई पांच करोड़ डॉलर। तत्कालीन दिग्गज कंपनी ब्लॉकबस्टर को यह पेशकश की गई। लेकिन, उसने इसे ठुकरा दिया। तब कंपनी ने बदलते जमाने के हिसाब से खुद को बदलने का फैसला किया।

2007 में नेटफ्लिक्स ने ‘Watch Instantly’ सेवा शुरू की, जिससे लोग कंप्यूटर पर फिल्में देख सकते थे। यहीं से उसका काया पलट हो गया। 2010 में नेटफ्लिक्स पहली बार अमेरिका से बाहर निकला और कनाडा में अपनी सेवा शुरू की। फिर लैटिन अमेरिका, यूरोप…।

2013 में नेटफ्लिक्स ने ओरिजिनल कंटेंट देना शुरू किया और अपना पहला ओरिजिनल शो 'House of Cards' रिलीज किया। इसके बाद 'Orange is the New Black' और 'Stranger Things' जैसे शोज पेश किए। फिर उसे कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखना पड़ा। 2016 में नेटफ्लिक्स ने एक ही दिन में 130 देशों में सेवा शुरू कर अपनी सर्विस को दुनिया भर में पहुंचा दिया।

सक्सेस का फार्मूला

नेटफ्लिक्स शुरू से एक सिद्धान्त पर कायम रही कि ग्राहक को कुछ भी मुफ्त में नहीं देना है। और, न ही सब्सक्राइबर की संख्या अंधाधुंध बढ़ाने पर फोकस रखना है।

6 जनवरी, 2016 को जब नेटफ्लिक्स ने भारत में सेवा शुरू की तो 800 रुपये हर माह से शुरू किया था। तब यहां 40 करोड़ लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते थे (जो अब 65 करोड़ से भी ज्यादा हो गया है)। इनमें से करोड़ों लोग नेटफ्लिक्स देख सकते थे, लेकिन 800 रुपये हर महीने देकर नहीं। नेटफ्लिक्स ने बहुत जल्द यह बात समझ ली और 2019 में 149 रुपये वाला प्लान (मोबाइल के लिए) पेश कर दिया। बाकी प्लान को भी उसने ग्राहक संख्या बढ़ाने के लिहाज से सस्ता किया। बेसिक प्लान तो महज 199 रुपये का कर दिया। इसका नतीजा रहा कि उसके ग्राहक तेजी से बढ़े।

शानदार कहानियां दिखाइए और बढ़िया कमाइए

ग्राहक बनाने के साथ उन्हें जोड़े रखना ज्यादा चुनौती वाला काम है। इसके लिए कंटेंट में दम होना जरूरी है। इसके लिए नेटफ्लिक्स के सीईओ टेड सारंडोस कंपनी की एक ही फिलॉसफी बताते हैं। उन्होंने फॉर्च्यून इंडिया से कहा- शानदार कहानियां दिखाइए और बढ़िया कमाइए।

चीफ कंटेंट ऑफिसर बेला बजारिया ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के सिद्धांत पर चल कर सीईओ की पॉलिसी को आगे बढ़ाती हैं। लोकल टीम, लोकल कंटेंट और ग्लोबल ऑडियंस!