
पूरी तैयारी करके ही होम लोन लेना चाहिए। (PC: AI)
Real Estate News: घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन बिना सही योजना के लिया गया होम लोन आपके लिए बड़ा वित्तीय तनाव पैदा कर सकता है। केवल इसलिए लोन न लें कि बैंक आसानी से दे रहा है। यदि आपकी आय स्थिर नहीं है या भविष्य की आमदनी को लेकर अनिश्चितता है, तो ईएमआई चुकाना मुश्किल हो सकता है और आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।
कई लोग कम डाउन पेमेंट देकर बड़ी राशि का लोन ले लेते हैं। इससे ग्राहक पर ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है और लंबे समय में बड़ी रकम चुकानी पड़ती है। इसलिए होम लोन लेने से पहले सही रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी कुल मासिक ईएमआई आपकी आय के 35 से 40 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी मासिक आय 1 लाख रुपये है, तो सभी लोन की कुल ईएमआई 35,000 से 40,000 रुपये के बीच ही रहनी चाहिए। इससे आप वित्तीय दबाव से बच सकते हैं और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पर्याप्त राशि बचा सकते हैं।
बेसिक होम लोन के सीईओ और सह-संस्थापक अतुल मोंगा के मुताबिक, लोन की अवधि (टेन्योर) का चयन बहुत अहम होता है। कम अवधि का लोन लेने पर कुल ब्याज कम देना पड़ता है, लेकिन मासिक ईएमआई ज्यादा होती है। लंबी अवधि का लोन लेने पर ईएमआई कम हो जाती है, लेकिन कुल ब्याज का भुगतान अधिक करना पड़ता है। इसलिए लोन अवधि तय करते समय अपनी मौजूदा आय, खर्च और भविष्य में आय बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखना चाहिए।
होम लोन लेने के बाद ब्याज दरों पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है। यदि बाजार में कम ब्याज दर उपलब्ध हो, तो रिफाइनेंसिंग पर विचार किया जा सकता है। इसमें आप अपने मौजूदा लोन को किसी अन्य बैंक या वित्तीय संस्थान में ट्रांसफर कर सकते हैं, जहां कम ब्याज दर या बेहतर शर्तें मिल रही हों। इससे आपकी ईएमआई और कुल ब्याज दोनों कम हो सकते हैं।
यदि आपके पास बोनस, निवेश से लाभ या किसी अन्य स्रोत से अतिरिक्त आय आती है, तो उसका इस्तेमाल लोन के प्रीपेमेंट में किया जा सकता है। इससे लोन की अवधि घटेगी और कुल ब्याज का भुगतान कम होगा।
Published on:
01 Mar 2026 04:46 pm
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
