जब रेल विभाग( Railway) मजदुरों (labours) को टिकट ही नही बेंच(Not selling ticket) रही। तो मजदुरों को यह टिकट कौन दे रहा है और इनसे किराये की रकम( ticket charge) कौन वसूल रहा है ।
मुंबई। प्रवासी मजदूरों को उनके घर वापसी के लिए वसूले जा रहे रेल किराए को लेकर भाजपा में राज्य सरकार से जवाब मांगा है । भाजपा ने साफ पूछा है कि जब रेल विभाग मजदुरों को टिकट ही नही बेंच रही । तो मजदुरों को यह टिकट कौन दे रहा है और इनसे किराये की रकम कौन वसूल रहा है ।
भाजपा ने बुधवार को राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के उस विडिओ के जवाब में यह यह सवाल उपस्थित किया है ।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने राज्य में प्रवासी मजदूरों से किराए की वसूली को लेकर बडा खुलासा किया . कहा कि रेल विभाग कोई टिकट नही बेच रहा है। रेल विभाग की कोई टिकट खिड़की नही खुली है । इसी के साथ उन्हें सवाल किया कि राज्य सरकार जवाब दें कि मजदुरों को टिकट कौन दे रहा है और उनसे इस मजबूर हालात में भी पैसे कौन वसूल रहा है ।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार और केंद्र दोनों एक दूसरे पर थोप रहे है। बड़ा कंफ्यूजन पैदा किया जा रहा है। दोनों सरकारें अपना अपना पल्ला झाड़ रही हैं। और मजदूरों की जेब तो काट ली जा रही है ।उनसे बराबर किराए का भुगतान कराया जा रहा है ।
भंडारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मजदुरों को गुमराह कर रही है । उल्टे सीधे बयान देकर उनके नेता केंद्र को बदनाम कर रहे है। मजदुरों को भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है । रेल द्वारा घोषित 85 प्रतिशत किराये का भुगतान भी उसे ही करना चाहिए ।
एक दिन पहले गृह मंत्री ने इस मामले में विडिओ जारी कर केंद्र सरकार पर मजदुरों को राहत नही देने का आरोप लगाया था ।
मध्य रेलवे जनसंपर्क अधिकारी ए के जैन ने बताया कि रेल विभाग कोई टिकट नही दे रही । कलेक्टर रेल से टिकट लेते हैं और मजदुरों को देते हैं। रेल्वर का मजदुरों से सीधे कोई संपर्क नही है ।