मुंबई

Maharashtra: सोने की मांग के आगे रिश्ते हुए बेबस, 9 महीने की गर्भवती को नहीं मिला इलाज, मां और बच्चे की मौत

Dowry Harassment: मायके से दो तोला सोना लाने की मांग को लेकर 9 महीने की गर्भवती महिला को प्रताड़ित करने का आरोप है। समय पर इलाज नहीं मिलने से महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
2 min read
• •
Oct 01, 2026
Pregnant Woman Death
मृतका समीक्षा उर्फ स्वाती विशाल निंबाळकर। फाइल फोटो- पत्रिका

Pregnant Woman Death: मायके से दो तोला सोना लाने की मांग को लेकर 9 महीने की गर्भवती महिला को कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन ससुराल वालों ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया। समय पर इलाज नहीं मिलने से महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। यह मामला छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण तहसील के विहामांडवा गांव का है।

पिता ने दर्ज कराया मामला

मृतका की पहचान समीक्षा उर्फ स्वाती विशाल निंबाळकर (26) के रूप में हुई है। मामले में उसके पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ पाचोड पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। मृतका के पिता सदाशिव शंकर देशमुख (49), निवासी राहेरी, तहसील सिंदखेडराजा, जिला बुलढाणा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार स्वाती गर्भवती थी और 6 सितंबर को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया था।

जांच में सामने आई थी गंभीर स्थिति

अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि उसके पेट में पानी की मात्रा कम हो गई है। साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे के गले में नाल लिपटी हुई थी। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। आरोप है कि इसके बावजूद ससुराल वालों ने इलाज का खर्च उठाने से साफ इनकार कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि स्वाती से मायके से दो तोला सोना लाने की मांग की जा रही थी। गर्भावस्था के दौरान भी उसे इस मांग को लेकर कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया।

इलाज से पहले मौत

पिता की शिकायत के अनुसार समय पर जरूरी इलाज नहीं मिलने से स्वाती की हालत लगातार खराब होती गई। गंभीर स्थिति में उसे 25 सितंबर की रात करीब 11:10 बजे छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल लाया गया। हालांकि अस्पताल में उपचार शुरू होने से पहले ही स्वाती और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने मिलकर स्वाती को प्रताड़ित किया और गर्भावस्था के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं दी।

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पाचोड पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पति विशाल अनिल निंबाळकर, ससुर अनिल रंगनाथ निंबाळकर, सास शारदा अनिल निंबाळकर और ननद ऐश्वर्या को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी विहामांडवा के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 406/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 106(1) और 3(5) में मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच पाचोड पुलिस कर रही है।

Updated on:
01 Oct 2026 03:59 pm
Published on:
01 Oct 2026 03:49 pm