महाराष्ट्र के पुणे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड़ में एक 27 वर्षीय महिला ने दो बेटियों को जन्म देने के लिए अपने पति और रिश्तेदारों द्वारा मारपीट किए जाने की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कथित घटना गुरुवार को पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी इलाके की है।
भारत सरकार ने बेटियों के लिए कई सारी योजनाए लागू की है। आज लड़कियों ने कई मुकाम हासिल किए है और देश का नाम रोशन किये है। रोजाना तमाम सामाजिक हस्तियां देश में लड़की और लड़कों के प्रति लोगों को सोच बदलने का अनुरोध करते रहते हैं। हम सभी को हर कोई समझाता है कि लड़की और लड़के में कोई फर्क नहीं होता है, दोनों सामान है। यह बात देश की कई लड़कियां खुद उच्च पदों पर पहुंचाकर साबित कर चुकी हैं। बावजूद इसके सामाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो लड़की और लड़के में फर्क करते हैं। इतना ही नहीं बेटी को जन्म देने वाली उस मां के साथ भी कुछ लोग दुर्व्यवहार करते रहते हैं।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के पुणे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड़ में एक महिला ने अपनी पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाया है। 27 वर्षीय महिला को दो बेटियों को जन्म देने पर उसके पति और रिश्तेदारों ने उसे पिता है। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। यह भी पढ़ें: Mumbai Crime: 32 वर्षीय महिला ने चलते ऑटो में किया प्रेमी का मर्डर, पुलिस के सामने किया सरेंडर; जानें पूरा मामला
ये घटना गुरुवार को पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी इलाके की है। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि दूसरी बार बेटी को जन्म देने के बाद पति और ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसे कई दिनों तक पीटा गया और भूखा रखा गया क्योंकि उसके ससुराल वाले दूसरी बच्ची के जन्म से खुश नहीं थे। इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस निरीक्षक भास्कर जाधव ने बताया कि पुलिस ने महिला के पति और ससुराल वालों के खिलाफ प्रताड़ना, उत्पीड़न और शिकायतकर्ता को भूखा रखने के लिए केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, ये महिला मराठवाड़ा क्षेत्र की रहने वाली है और साल 2012 में अपनी शादी के बाद वह भोसरी में शिफ्ट हो गई थी। पुलिस ने आरोपी पति और ससुराल वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा), 498 ए (महिला का उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत इस मामले में केस दर्ज किया है।