मुंबई

Pune Viral Shanta Pawar: पुणे की वायरल ‘योद्धा आजी’ को फिर से सड़कों पर क्यों उतरना पड़ा? सामने आई ये बड़ी वजह

शांता पवार का लाठी चलाने का वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्हें कई जगह से आर्थिक मदद मिली, लेकिन दो राजमिस्त्रियों के धोखे से दादी फिर से सड़कों पर आ गई हैं।
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Aug 13, 2022
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Shanta Pawar

बॉलीवुड में अभिनेता रितेश देशमुख और सिंगर नेहा कक्कड़ जैसे कई लोगों का समर्थन पाने वाली और सड़कों पर लाठीमार खेल दिखाकर सोशल मीडिया पर मशहूर हुईं शांता पवार एक बार फिर पुणे की सड़कों पर लाठीमार खेलती नजर आ रही हैं। एक दिन में करोड़पति बनी ये दादी सिग्नल पर दोबारा लाठी बजाकर कमा रही है। शांता पवार का लाठी चलाने का वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्हें कई जगह से आर्थिक मदद मिली, लेकिन दो राजमिस्त्री के धोखे से दादी फिर से सड़कों पर आ गई हैं।

शांता पवार ने घर बनाने के लिए एक राजमिस्त्री को नियुक्त किया था। राजमिस्त्री ने शांता पवार से घर बनाने के लिए 8 लाख रुपये लिए थे। उस लेनदेन में उसके साथ धोखाधड़ी हुई थी। दादी का कहना है कि धंधे के लिए आए राजमिस्त्री ने उन्हें धोखा दिया। तो यह उनके लिए पवार अजी के संकेतों पर फिर से खेलने का समय है। यह भी पढ़ें: Maharashtra: मुझे रिटायर होना है, पीएम मोदी 'इन' लोगों को मौका दें, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का बड़ा बयान

बता दें कि शांता पवार 86 साल की हैं। वह हडपसर में वैदवाड़ी गोसावी बस्ती में रहती है। इस उम्र में भी उन्हें पैसे कमाने के लिए रोज ट्रैफिक सिंग्नल पर खड़ा होना पड़ता है। उनके चार बेटों और बहू की मौत हो चुकी है। शांता पवार के उपर 17 पोते-पोतियों की जिम्मेदार है। आज तक की गई कड़ी मेहनत से तीन पोते-पोतियों की शादी हुई, लेकिन अभी भी 14 पोते-पोतियां की शादी करना बाकी हैं। जिसके लिए उन्होंने खेल को फिर से शुरू करने का फैसला किया है।

फिल्मों में नजर आ चुकी है शांता पवार: बता दें कि दादी ने पुणे की सड़कों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर न सिर्फ ख्याति जीती है, बल्कि बॉलीवुड की कई पुरानी फिल्मों में भी काम किया है। उनका कहना है कि उन्होंने सीता और गीता, त्रिशूल, शेरनी जैसी मशहूर फिल्मों में काम किया है। लेकिन उनके पति की अचानक मौत हो गई। उसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई। उन्होंने अपनी युवावस्था को कष्टों में बिताया है। अंत में, उन्होंने एक शौक को आगे बढ़ाने का फैसला किया। तब से कई साल बीत चुके हैं, वे पुणे की सड़कों पर स्टिक गेम दिखाते हैं। कई पुनेकरों ने भी अपने-अपने तरीके से दादी की मदद की है।

Updated on:
13 Aug 2022 09:08 pm
Published on:
13 Aug 2022 09:07 pm