
रेलवे (Central Railway) ने मुंबई से कोल्हापुर और होसापेटे (कर्नाटक) के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन नंबर 11029/11030 सीएसएमटी मुंबई-कोल्हापुर एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 11139/11140 सीएसएमटी मुंबई-होसापेटे एक्सप्रेस को स्थायी रूप से एलएचबी (LHB) रेक और संशोधित कोच संरचना के साथ चलाने का निर्णय लिया है। नई कोच संरचना में एसी चेयर कार (CC) और एसी फर्स्ट क्लास (1A) कोच शामिल नहीं होंगे।
मध्य रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन ट्रेनों का संचालन अब 18 LHB कोच के साथ किया जाएगा। नई कोच संरचना जनवरी 2027 से लागू होगी। इसके तहत मुंबई-कोल्हापुर और मुंबई-होसपेट रूट पर चलने वाली दोनों दिशाओं की ट्रेन सेवाओं में बदलाव किया जाएगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और कोल्हापुर के बीच चलने वाली कोयना एक्सप्रेस की दोनों दिशाओं की सेवाओं में नई कोच संरचना लागू होगी।
ट्रेन नंबर 11029: CSMT-कोल्हापुर कोयना एक्सप्रेस में 12 जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू होगी।
ट्रेन नंबर 11030: कोल्हापुर-CSMT कोयना एक्सप्रेस में 10 जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू होगी।
मध्य रेलवे ने मुंबई के सीएसएमटी और होसपेट के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन की कोच संरचना में भी स्थायी बदलाव किया है।
ट्रेन नंबर 11139: मुंबई CSMT-होसपेट एक्सप्रेस में 10 जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू होगी।
ट्रेन नंबर 11140: होसपेट-मुंबई CSMT एक्सप्रेस में 11 जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू होगी।
नई कोच संरचना के तहत दोनों ट्रेनों में कुल 18 LHB कोच लगाए जाएंगे। इनमें 1 एसी सेकंड टियर, 3 एसी थर्ड टियर, 6 स्लीपर क्लास और 6 जनरल सेकंड क्लास के कोच होंगे। इसके अलावा एक जनरेटर कार और एक सेकंड सीटिंग एवं लगेज कम गार्ड ब्रेक वैन भी शामिल होगी। इस बदलाव से अलग-अलग श्रेणियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध हो सकेंगी। नई कोच संरचना में पहले से मौजूद एसी चेयर कार (CC) और एसी फर्स्ट क्लास (1A) कोच नहीं रहेंगे।
कोयना एक्सप्रेस और होसपेट एक्सप्रेस में स्थायी रूप से कोच बढ़ाए जाने से अधिक यात्रियों को सफर की सुविधा मिल सकेगी। खासकर स्लीपर और जनरल श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को सीटों की संख्या बढ़ने से इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा पुराने कन्वेंशनल कोचों की तुलना में LHB कोच तकनीक के दृष्टिकोण से अधिक सुरक्षित और आधुनिक माने जाते हैं। ये कोच तेज गति पर चलने के दौरान भी स्थिर रहते हैं और दुर्घटना की स्थिति में एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते। इसके साथ ही, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम की वजह से यात्रियों को झटके कम महसूस होते हैं और यात्रा अधिक आरामदायक रहती है।