
ठाणे. जिला सेशन कोर्ट ने 2015 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में 33 वर्षीय एक व्यक्ति को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला और विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश एसबी बहलकर ने बुधवार को आरोपी शिवमणि रामदुलहर जायसवार को सजा सुनाई और उस पर 27 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। आरोपी बढ़ई का काम करता था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीडि़ता घटना के समय तकरीबन 10 साल की थी। आरोपी और पीडि़त शहर के मनोरमा नगर इलाके में पड़ोसी थे और एक-दूसरे को जानते थे। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 17 जुलाई, 2015 को आरोपी लड़की के घर गया, जब वह अकेली थी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने अपराध के बारे में खुलासा करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीडि़ता ने अपनी मां को इसके बारे में बताया, जिसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ लगे सभी आरोपों को बिना किसी वाजिब संदेह के साबित कर दिया है।