महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर उनके भतीजे और विधायक रोहित पवार ने सनसनीखेज दावे किए हैं।
महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने दावा किया कि हादसे वाले दिन बारामती में आवश्यक मानकों से कम दृश्यता होने के बावजूद पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने विमान को वापस नहीं मोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान को जानबूझकर नीचे उतारते हुए विस्फोट कराया गया।
उन्होंने दावा किया कि मुंबई से बारामती के सफर के लिए जितने ईंधन की जरूरत थी, उससे कहीं ज्यादा करीब 3000-3500 लीटर ईंधन विमान में भरा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विमान के अंदर भी अतिरिक्त ईंधन के कैन रखे गए थे, ताकि टकराते ही विमान एक 'बम' की तरह फट जाए।
अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि मुंबई से बारामती की उड़ान के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता नहीं थी, फिर भी विमान के पंखों की टंकियां पूरी तरह भरी गई थीं। उनके मुताबिक, हादसे के समय विमान में लगभग 3000 से 3500 लीटर ईंधन मौजूद था। इतना ही नहीं, विमान के टॉयलेट के पास अतिरिक्त ईंधन के कैन भी रखे गए थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विमान को आगे हैदराबाद जाना था, तो वहां ईंधन भरा जा सकता था। इसके बावजूद पहले से टंकियां फुल क्यों की गईं? उनका कहना है कि ज्यादा ईंधन होने से विस्फोट की तीव्रता बढ़ सकती है और यही संदेह इस मामले को और गंभीर बनाता है।
महाराष्ट्र के कर्जत से एनसीपी (शरद पवार) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए 5000 मीटर दृश्यता आवश्यक होती है, जबकि हादसे के समय बारामती में केवल 3500 मीटर दृश्यता थी। उन्होंने कहा कि मुंबई से उड़ान भरते समय भी मौसम अनुकूल नहीं था। ऐसे में न तो उड़ान की अनुमति दी जानी चाहिए थी और न ही बारामती में लैंडिंग का प्रयास होना चाहिए था।
उनका आरोप है कि पायलट ने एक चक्कर लगाकर विमान को नीचे लाने की कोशिश की और संभवतः जानबूझकर विमान को जमीन से टकराया। विमान में जरुरत से ज्यादा ईंधन भरा हुआ था, साथ ही विमान के अंदर भी ईंधन रखे गए थे, जिससे विमान के क्रैश होने के बाद भीषण धमाका हुआ।
रोहित पवार ने विमान सेवा प्रदान करने वाली वीएसआर कंपनी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कंपनी का मुंबई स्थित हैंडलर फ्लाइट प्लान में बदलाव कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली से आए मूल फ्लाइट प्लान में फेरबदल किया गया है।
शरद पवार गुट के नेता ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को उस समय भेजे गए ई-मेल और दस्तावेजों की गहन जांच करनी चाहिए, क्योंकि कंपनी की ओर से कागजात उपलब्ध कराने में देरी हो रही है। उनके मुताबिक, इससे छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने 28 जनवरी को बारामती में हुए लियरजेट 45 वीटी-एसएसके हादसे की जांच पर अहम अपडेट दिया। एएआईबी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक अत्यधिक हीट और आग की चपेट में रहे, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटी है।
बयान में कहा गया है, डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) का डाटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) की जांच जारी है। डाटा रिकवरी की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए विशेष तकनीकी सहयोग भी लिया जा रहा है। एएआईबी ने कहा कि पूरी जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित तरीके से की जा रही है। सभी तय मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है। उचित समय पर जानकारी साझा की जाएगी।
बता दें कि 28 जनवरी की सुबह करीब 8:10 बजे लेयरजेट-45 विमान अजित पवार को लेकर मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। उन्हें वहां जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करना था। लेकिन विमान सुबह 8.45 बजे बारामती रनवे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों- अजित पवार, उनके सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई।