
सलीम खान और जावेद अख्तर (सोर्स: x @filmfare के अकाउंट द्वारा)
Salim Khan And Javed Akhtar: भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज में कई ऐसी जोड़ियां रही हैं जिन्होंने मिलकर इतिहास रचा है। शंकर-जयकिशन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और कल्याणजी-आनंदजी की तरह ही एक लेखक जोड़ी ने 70 के दशक को नई पहचान दी। बता दें, सलीम खान और जावेद अख्तर की इस जोड़ी ने न सिर्फ सुपरहिट फिल्में दीं, बल्कि हिंदी सिनेमा को उसका 'एंग्री यंग मैन' भी दिया और एक पूरे दौर को गोल्डन एरा में बदल दिया।
Salim Khan का जन्म 24 नवंबर 1935 को मध्यप्रदेश के बालाघाट में हुआ। फिल्म इंडस्ट्री में कठिनाइयों और संघर्ष के बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया। दूसरी तरफ Javed Akhtar भी अपने करियर की तलाश कर रहे थे। दोनों की मुलाकात निर्देशक एस.एम. सागर के प्रोजेक्ट के समय हुआ। बता दें, कुछ मौकों पर साथ काम करने के बाद दोनों को एहसास हुआ कि उनकी सोच और काम करने का तरीका एक-दूसरे से काफी मेल खाता है और फिर यहीं से सलीम-जावेद की जोड़ी का उदय हुआ।
70 का दशक फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खास रहा। इसी दौर में सुपरस्टार Rajesh Khanna अपने करियर के शिखर पर था। जब एक कमजोर कहानी को सुधारने की जरूरत पड़ी, तो सलीम-जावेद ने उसे नया रूप दिया और बनी फिल्म 'हाथी मेरे साथी' (Haathi Mere Saathi)। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और इस जोड़ी का नाम इंडस्ट्री में फेमस हो गया। इसके बाद उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ मिलकर 'जंजीर','दीवार','शोले', 'डॉन', 'त्रिशूल', 'काला पत्थर', 'शक्ति' और 'दोस्ताना' जैसी कई यादगार फिल्में लिखीं। इन फिल्मों ने अमिताभ बच्चन को महानायक बनाया और सलीम-जावेद को हिंदी सिनेमा के सबसे भरोसेमंद राइटर।
इतना ही नहीं, कहा जाता है कि जो वजह उनकी कामयाबी की नींव बनी, वही अलगाव का कारण भी बनी। 80 के दौर के अंत में सलीम-जावेद ने एक ऐसी कहानी लिखी जिसमें हीरो अदृश्य हो जाता है और उसकी आवाज बैकग्राउंड में सुनाई देती है। इस फिल्म के लिए वे अमिताभ बच्चन को लेना चाहते थे। बता दें, अमिताभ ने इस भूमिका को ये कहकर ठुकरा दिया कि दर्शक उन्हें पर्दे पर देखना चाहते हैं, सिर्फ आवाज सुनने नहीं। ये बात जावेद अख्तर को नागवार गुजरी। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि आगे से वे अमिताभ के साथ काम नहीं करेंगे। बताया जाता है कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच मतभेद बढ़े और लास्ट में ये जोड़ी टूट गई।
पेशेवर तौर पर दोनों अलग हो गए, लेकिन व्यक्तिगत संबंध कायम रहे। अब जावेद अख्तर कई बार कह चुके हैं कि उनके और सलीम खान के बीच अब भी सम्मान और दोस्ती है। दोनों परिवारों के बीच भी गहरा जुड़ाव बना हुआ है, लेकिन इस रिश्ते पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।
Published on:
18 Feb 2026 03:47 pm
