NCP Ajit Pawar: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने मंगलवार रात एनसीपी शरदचंद्र पवार गुट के प्रमुख शरद पवार से उनके ‘सिल्वर ओक’ निवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि तटकरे ने साफ कहा कि यह मुलाकात केवल शरद पवार की तबीयत का हालचाल जानने के लिए थी और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। लेकिन अब शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने बड़ा दावा कर सियासी माहौल गरमा दिया है।
शरद पवार के पोते रोहित पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल 22 विधायकों के साथ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कुछ विधायक भी भाजपा के संपर्क में हैं।
इस दौरान कर्जत से शरद गुट के विधायक पवार ने तंज कसते हुए कहा, शायद सुनील तटकरे को सिल्वर ओक की चाय पसंद हो। इसलिए वह वहां गए हो।
बता दें कि राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और सुनील तटकरे महाराष्ट्र एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
मुलाकात के बाद सुनील तटकरे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि शरद पवार पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इसी वजह से वह उनकी तबीयत पूछने सिल्वर ओक पहुंचे थे। तटकरे ने कहा कि मुलाकात के दौरान किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “शरद पवार पिछले छह दशकों से देश की राजनीति में अहम योगदान दे रहे हैं। मैंने लंबे समय तक उनके मार्गदर्शन में काम किया है और मेरी राजनीतिक यात्रा में उनका बड़ा योगदान रहा है। इसलिए उनसे मिलना और स्वास्थ्य की जानकारी लेना राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब शरद पवार की तबीयत पहले से बेहतर है और उनकी कार्यक्षमता आज भी पहले जैसी ही है।
एनसीपी में टूट के बाद पहली बार करीब तीन साल बाद सुनील तटकरे शरद पवार के निवास ‘सिल्वर ओक’ पहुंचे। इसी वजह से इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
मंगलवार को पूरे दिन ऐसी चर्चाएं भी चलती रहीं कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पद से हटा दिया गया है। इसी बीच तटकरे की शरद पवार से मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दे दिया।
इस बीच, सुनेत्रा पवार के ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पदों को लेकर जो चर्चा हुई, वह केवल “टाइपो मिस्टेक” थी। हालांकि इससे पहले मार्च में चुनाव आयोग को भेजी गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दस्तावेजों में भी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के पदों के आगे कुछ नहीं लिखा गया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तब तेज हुई जब मंगलवार को यह खबर आई कि सुनील तटकरे को महासचिव और प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। हालांकि, एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि टाइपो मिस्टेक (लिखने की गलती) हुई थी।
इससे पहले मार्च में चुनाव आयोग को भेजी गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दस्तावेजों में भी प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नाम के आगे उनके पदों का जिक्र नहीं था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।