MLA Rohit Pawar On AAIB Report : जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विमान के मलबे में कॉकपिट और केबिन पूरी तरह नष्ट हो गए थे, केवल पिछला हिस्सा ही सुरक्षित बचा था।
अजित पवार के दुखद विमान हादसे को एक महीना पूरा हो गया है। इस हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी 22 पन्नों की प्राथमिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें विमान हादसे को लेकर कई गंभीर बिंदुओं को सामने रखा गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से ठीक पहले पेड़ से टकराया और फिर रनवे से करीब 50 मीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, कम दृश्यता (Low Visibility) के बावजूद लैंडिंग का प्रयास करना इस हादसे की एक बड़ी वजह बनकर उभरा है। पेड़ से टक्कर के बाद विमान का संतुलन बिगड़ा और वह रनवे से करीब 50 मीटर बाईं ओर जा गिरा। जमीन से टकराते ही उसमें आग लग गई।
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रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय दृश्यता निर्धारित वीएफआर (Visual Flight Rules) सीमा से कम थी। इसके बावजूद रनवे 11 पर लैंडिंग का प्रयास किया गया। पहले प्रयास के बाद ‘गो अराउंड’ किया गया, लेकिन दोबारा कोशिश के दौरान विमान नियंत्रण खो बैठा।
हादसे के बाद विमान में आग लग गई, जिससे कॉकपिट और केबिन पूरी तरह नष्ट हो गए। केवल पिछला हिस्सा सुरक्षित बचा। आग की तीव्रता के कारण फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) को नुकसान पहुंचा, हालांकि जांच एजेंसियां उसका रॉ डेटा डाउनलोड करने में सफल रहीं। कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) के विस्तृत विश्लेषण के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होने की बात कही गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हादसे के चंद सेकंड पहले कॉकपिट से "Ohh Shit" की आवाज सुनाई दी थी, जो पायलटों की घबराहट और अचानक पैदा हुई गंभीर स्थिति की ओर इशारा करती है।
इस प्राथमिक रिपोर्ट में AAIB ने बारामती एयरफील्ड की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बारामती में कोई स्वतंत्र या आधिकारिक मौसम विज्ञान (MET) सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा, एयरफील्ड की सुविधाएं मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं और नेविगेशन सहायता की उपलब्धता भी सीमित थी। इसके बावजूद कम दृश्यता में लैंडिंग का जोखिम उठाया गया। हालांकि एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है। CVR और FDR के विस्तृत तकनीकी विश्लेषण के बाद ही दुर्घटना का अंतिम कारण सामने आएगा।
एनसीपी (शरद पवार) विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस रिपोर्ट की विश्वसनीयता और गंभीरता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र सीआईडी किस प्रकार जांच आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकाले? इस रिपोर्ट के आधार पर सीआईडी कैसे जांच करेगी?”
अजित पवार के भतीजे रोहित ने रिपोर्ट के पेज नंबर चार पर दी गई एक तथ्यात्मक गलती की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि ‘बारामती हवाई पट्टी महाराष्ट्र के बारामती जिले में स्थित है’। रोहित पवार ने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि बारामती कोई जिला नहीं है, इसलिए यह गलती दर्शाती है कि AAIB ने इस संवेदनशील रिपोर्ट को कितनी 'गंभीरता' से तैयार किया है। रोहित पवार ने कहा कि वह इस विषय पर 2 मार्च को मुंबई में विस्तार से बोलेंगे।