
Mukesh Ambani Antilia Bomb Scare Case: 2021 के बहुचर्चित एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि शुरुआती तौर पर सचिन वाजे के खिलाफ कोई आतंकी मामला नहीं बनता है। हालांकि, अदालत का विस्तृत आदेश अभी सामने नहीं आया है। अगस्त 2026 में इसी मामले में सचिन वाजे समेत 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे और सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया था।
जमानत मिलने के बावजूद वाजे की तत्काल रिहाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ अन्य मामले भी चल रहे हैं। इससे पहले उन्हें 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली से जुड़े मामले में भी जमानत मिल चुकी है, लेकिन अन्य मामलों के कारण वह जेल में रहे हैं।
सचिन वाजे को मार्च 2021 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने और मनसुख हिरेन की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। वाजे इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।
मामले में NIA ने आरोप लगाया है कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी एसयूवी खड़ी करने और बाद में मनसुख हिरेन की हत्या की साजिश में वाजे की भूमिका थी। ये अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और मामले की सुनवाई में इनकी न्यायिक जांच होनी है।
25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास एक स्कॉर्पियो एसयूवी मिली थी। जांच में वाहन के अंदर जिलेटिन की छड़ें और धमकी से जुड़ा पत्र मिलने की जानकारी सामने आई थी। यह वाहन कारोबारी मनसुख हिरेन के इस्तेमाल में था।
इसके कुछ दिनों बाद 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। दोनों घटनाओं के बीच संबंध सामने आने के बाद मामले की जांच NIA को सौंप दी गई थी।
इस मामले में 1 अगस्त 2026 को विशेष NIA अदालत ने सचिन वाजे, पूर्व एसीपी प्रदीप शर्मा समेत कुल 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोपियों पर हत्या, जबरन वसूली, सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाना है। इसके अलावा UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। सभी आरोपियों ने अदालत में आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था।
आरोप तय होने के बाद मामले की नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हुआ था। ऐसे में सचिन वाजे को मिली जमानत मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
सितंबर 2026 में सचिन वाजे ने विशेष NIA अदालत में एक याचिका दायर कर दावा किया था कि मामले की जांच शुरू करने से पहले केंद्र सरकार की आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी और इसलिए जांच को अवैध माना जाना चाहिए। यह वाजे का दावा है, जिस पर अदालत में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।