
Antilia Bomb Scare Case; एंटीलिया बम धमकी मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मिली जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगाई है, जिसमें वाजे को जमानत दी गई थी। मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
NIA की अपील पर सुनवाई के लिए पहले बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों ने खुद को मामले से अलग कर लिया था। इसके बाद मामला न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ के सामने रखा गया। खंडपीठ ने फिलहाल विशेष अदालत के जमानत आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह के लिए टाल दी गई है।
सचिन वाजे मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी हैं। वह एंटीलिया बम धमकी मामले के साथ-साथ मनसुख हिरेन हत्या मामले में भी आरोपी हैं। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर फरवरी 2021 में विस्फोटक से लदी एक स्कॉर्पियो कार मिली थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। इस मामले में मनसुख हिरेन की हत्या की जांच भी सामने आई थी। NIA ने विशेष अदालत द्वारा वाजे को जमानत दिए जाने के फैसले का विरोध करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। अब हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए NIA की अपील पर आगे की सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में करने का फैसला किया है।
एंटीलिया बम धमकी मामला फरवरी 2021 का है। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास 25 फरवरी 2021 को एक लावारिस महिंद्रा स्कॉर्पियो कार मिली थी। जांच के दौरान कार से करीब 20 जिलेटिन की छड़ें और अंबानी परिवार को धमकी देने वाला पत्र बरामद हुआ था। यह कार ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जिनका शव 5 मार्च 2021 को ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। मामले की जांच पहले महाराष्ट्र ATS और बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। NIA ने बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और दावा किया कि इस पूरी साजिश में वाजे की अहम भूमिका थी।