मुंबई

इंडिया गठबंधन के मोर्चे में महिला सांसदों से बदसलूकी, 1.5 लाख पुलिसकर्मी थे तैनात- संजय राउत का बड़ा आरोप

Sanjay Raut: राज्य सभा (RS) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कार्यालय की तरफ बढ़ रहे निहत्थे और जनता द्वारा चुने गए सांसदों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों का प्रयोग किया गया था। इस दौरान महिला सांसदों से बदसलूकी भी हुई।
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Oct 07, 2026
INDIA Bloc MPs March
'इंडिया' ब्लॉक के प्रदर्शन में राहुल गांधी और संजय राउत (Photo: IANS)

India Election Commission Protest: चुनाव आयोग के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई पर शिवसेना (UBT) के राज्य सभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट), सपा और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करना चाहते थे। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने धरना दिया। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है।

विपक्षी सांसद संसद परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद सांसद सड़क पर ही बैठ गए और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी दलों CEC ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता बाद में आकाशवाणी भवन परिसर तक पहुंचे, जहां कई घंटे तक धरना चला।

1.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात, आतंकियों जैसा व्यवहार किया- राउत

संजय राउत ने प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद निहत्थे थे और जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे कोई आतंकी हों।

राउत ने दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और दिल्ली पुलिस समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के मार्च को रोकने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज के करीब 1.5 लाख जवानों को तैनात किया गया था।

‘सांसदों को मिलने की अनुमति नहीं दी’

संजय राउत ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पौने तीन सौ सांसद चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।

हालांकि, चुनाव आयोग ने मंगलवार रात जारी बयान में कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से मुलाकात के लिए अनुरोध नहीं किया था। आयोग के अनुसार, करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन देना चाहता है। आयोग ने यह भी कहा कि करीब 240 सांसदों के साथ प्रस्तावित मुलाकात संसद भवन एनेक्सी में करने का अनुरोध किया गया था, जिसे उसने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं माना।

‘आंदोलन अब नहीं रुकेगा’, राउत का दावा

संजय राउत ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता ने कहा, "यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। पूरे देश में इसकी चिंगारी सुलग चुकी है। आज भी दिल्ली में प्रदर्शन जारी रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अब इस्तीफा देना ही होगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की यह लड़ाई जारी रहेगी। वह मुंबई में अपने निर्धारित कार्यक्रम के कारण लौटे हैं, लेकिन फिर दिल्ली जाएंगे। विपक्ष का आंदोलन देशभर में जारी रहेगा।"

महिला सांसदों से कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप

राउत ने मंगलवार रात की कार्रवाई का जिक्र करते हुए महिला सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को देर रात करीब 11:30 बजे पुलिस हिरासत से छोड़ा गया।

बता दें कि विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने बयान में विपक्ष के दावे को खारिज किया है।

Updated on:
07 Oct 2026 02:18 pm
Published on:
07 Oct 2026 01:29 pm