मुंबई

ऑपरेशन टाइगर: 6 सांसदों की बगावत के बाद संजय राउत पहुंचे शिवतीर्थ, राज ठाकरे के साथ की अहम बैठक

Sanjay Raut Meets Raj Thackeray: शिवसेना के 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर उद्धव ठाकरे गुट अपने नेताओं और सांसदों को एकजुट रखने की पूरी कोशिश कर रहा है। इसी बीच संजय राउत और राज ठाकरे की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

2 min read
Jun 21, 2026
sanjay raut and Raj Thackeray shiv sena split
मनसे प्रमुख राज ठाकरे से मिले संजय राउत (Photo: IANS/File)

Operation Tiger Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत रविवार को अचानक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के मुंबई स्थित निवास 'शिवतीर्थ' पहुंच गए। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पिछले कुछ दिनों से 'ऑपरेशन टाइगर' और ठाकरे गुट में कथित टूट को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

हालांकि, इस मुलाकात के पीछे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और ठाकरे गुट के सामने खड़ी चुनौतियों के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

6 सांसदों की बगावत की चर्चा के बीच हुई मुलाकात

हाल ही में यह खबर सामने आई कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से छह लोक सभा सांसदों ने अलग रुख अपनाते हुए संसद में नया समूह बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस घटनाक्रम ने उद्धव खेमे की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में संजय राउत का सीधे राज ठाकरे के घर पहुंचना राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, संजय राउत ने राज ठाकरे से मुलाकात के दौरान उद्धव ठाकरे का संदेश पहुंचाया। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, विपक्षी दलों की रणनीति, मराठी अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर अब तक न तो मनसे और न ही शिवसेना (यूबीटी) की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

क्या फिर करीब आ रहे हैं ठाकरे बंधु?

उल्लेखनीय है कि करीब दो दशक तक चली राजनीतिक दूरी के बाद ठाकरे भाइयों ने अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) में साथ आने का फैसला किया था। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से भी एक-दूसरे के प्रति नरम रुख दिखाया था।

लेकिन महानगरपालिका चुनाव के बाद दोनों दलों के गठबंधन में तनाव आने लगे। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही कि चुनावी मैदान में अपेक्षित तालमेल नहीं दिखा और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पूरा सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। ऐसे माहौल में संजय राउत का अचानक 'शिवतीर्थ' पहुंचना महज एक औपचारिक मुलाकात है या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति तैयार हो रही है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Published on:
21 Jun 2026 04:56 pm