
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त अस्थिरता के बादल मंडरा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के बीजेपी के संपर्क में होने की अटकलों का है। इसी पृष्ठभूमि में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और सांसद संजय राउत ने भी रविवार को पार्टी के मुखपत्र में छपे एक लेख में बड़ी बात कही थी।
पूर्व मुख्यमंत्री व शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी संजय राउत ने कहा था कि राजनीतिक हलकों में अजित पवार के भावी कदम को लेकर अटकलें लगायी जा रही हैं और उन्हें स्वयं इसे स्पष्ट करना चाहिए। लेकिन राज्यसभा सांसद राउत ने सोमवार को प्रेसवार्ता में इस मुद्दे पर अलग ही रुख अपनाया। आज उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि अजित पवार एनसीपी छोड़कर कही और जाएंगे। यह भी पढ़े-500 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में उद्धव गुट के विधायक रवींद्र वायकर के खिलाफ जांच शुरू, BMC को भी नोटिस
बीजेपी पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा, “केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर जैसे शिवसेना को तोड़ा गया और यह सरकार बनी। वैसे अब एनसीपी के कुछ नेताओं पर इसी तरीके का दबाव बनाया जा रहा है। एनसीपी के कुछ विधायकों और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, उनके परिवारों को धमकाया जा रहा है और उन्हें अपने साथ आने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कल महाविकास अघाडी की सभा में अजित पवार हमारे साथ मंच पर थे। हमने उनसे बातचीत की। नागपुर से मुंबई आते समय भी वह भी विमान में हमारे साथ ही थे। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छोड़ देंगे और एक अलग दिशा में जाएंगे।“
उन्होंने कहा, “...जब हम मिलने गए तो शरद पवार साहब ने बताया कि शिवसेना जिस तरह से तोड़ी गई है, वैसे ही सीबीआई, ईडी, EOW (आर्थिक अपराध शाखा) का दबाव डालकर एनसीपी को तोड़ने की कोशिश चल रही है लेकिन उनकी पार्टी बीजेपी के साथ नहीं जाएगी। हां किसी की व्यक्तिगत रूप से इच्छा हो तो वे पार्टी छोड़ सकते हैं, यह उनका निजी निर्णय होगा।”
मालूम हो कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समूह के मंत्री दादा भुसे ने हाल ही में कहा था, ‘‘अजित पवार कई साल से एनसीपी में बेचैनी महसूस कर रहे हैं। हम सभी यह जानते हैं। कुछ भी हो सकता है।’’ हालांकि कल जब नागपुर में पत्रकारों ने अजित पवार से उनके भविष्य के कदमों को लेकर किए जा रहे दावों के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वह एमवीए को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। यह भी पढ़े-16 विधायकों के अयोग्य होने पर भी रहेगी शिंदे-फडणवीस सरकार? अजित पवार ने समझाया सियासी गणित