
Sanjay Raut on Operation Tiger:महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दलबदल और बगावत की अटकलों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) के पांच सांसदों के पाला बदलने और शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों पर संजय राउत ने तीखा पलटवार किया है। इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए राउत ने इसे भाजपा और विरोधी गुट की साजिश करार दिया है।
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि 'यह पूरी तरह से झूठ और अफवाह है। हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। अभी चार दिन पहले ही इन सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया था और उनके नेतृत्व में अपना पूरा भरोसा जताया था। इनमें से कुछ नेताओं ने तो अपने करीबियों और प्रियजनों की कसमें खाकर उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी वफादारी का संकल्प लिया था। ऐसे में पलटी मारने का सवाल ही नहीं उठता।'
दरअसल, महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर जबरदस्त सुगबुगाहट है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव गुट के 9 में से 7 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और जल्द ही एक अलग गुट बना सकते हैं। शिवसेना एमएलसी कृपाल तुमाने ने भी दावा किया था कि यूबीटी के कई सांसद उनके संपर्क में हैं। इस पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कृपाल तुमाने की राजनीतिक प्रासंगिकता पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि 'वह कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है। आज शिंदे गुट में ऐसे लोग भरे पड़े हैं जो कुछ भी बोलते रहते हैं। हमारी पार्टी को भला कौन तोड़ेगा?' इसके साथ ही राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उनके खिलाफ ऐसी कोशिशें हुईं, तो उनकी पार्टी इसके पलटवार में 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करेगी।
बता दें कि संजय राउत ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया क कि पिछले 12 सालों से भाजपा का सिर्फ एक ही काम रह गया है कि केवल विपक्षी पार्टियों को तोड़ना है। उन्होंने हाल ही में टीएमसी में ऐसा करने की कोशिश की, और इससे पहले वे एनसीपी और शिवसेना के साथ भी यही कर चुके हैं।'
एक तरफ उद्धव गुट की तरफ से पार्टी तोड़ने का आरोप लगाए जो रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता शाइना एनसी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का प्रतिद्वंद्वी दलों में फूट डालने का कोई इरादा नहीं है। शाइना ने कहा, 'हमें किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हर कोई हमारे नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता को देख रहा है, क्योंकि वह जमीन पर रहकर आम जनता के लिए काम करते हैं, घर बैठकर नहीं।'