अब तक 26 अस्पतालों की 134 शिकायतों का निपटारा कर 23 लाख 42 हजार रुपए भुगतान की राशि लोगों की कम की गई है। मूल भुगतान के तहत तकरीबन 15 प्रतिशत भुगतान की राशि कम होने से मरीजों को राहत मिली है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई.निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज करा रहे लोगों से अधिक बिल लेने की शिकायत मिलने पर बीएमसी की ओर से विभिन्न निजी अस्पतालों में ऑडिटर्स को नियुक्ति की गई है। इसके तहत अब तक 26 अस्पतालों की 134 शिकायतों का निपटारा कर 23 लाख 42 हजार रुपए भुगतान की राशि लोगों की कम की गई है। मूल भुगतान के तहत तकरीबन 15 प्रतिशत भुगतान की राशि कम होने से मरीजों को राहत मिली है।
कोरोना पीड़ित मरीजों का बेहतर इलाज हो इसलिए राज्य सरकार के निर्देशा अनुसार निजी अस्पतालों के 80 प्रतिशत बेड बीएमसी ने अपने कब्जे में ले लिया है। यहां पर उपचार कराने वाले मरीज़ों से सरकार की ओर से 21 मई को निर्धारित दर से बिल लेना जरूरी है। पर निजी अस्पतालों की ओर से अधिक बिल लेने की शिकायतें मिलती देख,बीएमसी ने निजी अस्पतालों में सरकार की दर के हिसाब से बिल लिया जा रहा है कि इस पर नजर रखने के लिए बीएमसी के मुख्य ऑडिट विभाग के 2-2 अधिकारियों की नियुक्ती अस्पतालों में की गई है।
गौरतलब है कि निजी अस्पतालों के संबंध में किसी भी तरह की शिकायतों के निपटाने के लिए बीएमसी की ओर से प्रबंध किया गया है। इसके तहत संबंधित निजी अस्पतालों के लिए जिन आइएएस अधिकारियों की नियुक्ती की गई है। इन अधिकारियों को ईमेल के माध्यम से सीधे शिकायत की जा सकती थी। बेड का वितरण प्रभावी तरीके से हो और मेडिकल सेवा सुविधा बेहतर मिले। इसके लिए उचित समन्वय करने के लिए 5 आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति सरकार ने की है।
26 निजी अस्पतालों से 134 भुगतान से संबंधित शिकायत मिलने पर उसका निपटारा किया गया। इन शिकायतों में मूल भुगतान राशि 1करोड़ 61 लाख 88 हजार 819 रुपए था। बीएमसी के अधिकारियों के ऑडिट करने पर वास्तविक राशि 1करोड़ 38 लाख 46 हजार 705 रुपए हो गई। यानि कुल 23 लाख 42 हजार 114 रुपए भुगतान राशि कम हो गई। शिकायत मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसका निपटारा किया गया है। अन्य बकाया शिकायतों का ऑडिट किया जा रहा है और जल्द ही उसका निपटारा किया जाएगा। बीएमसी को प्राप्त इन शिकायतों में से 40 प्रतिशत शिकायतें सरकार की ओर से निजी अस्पतालों के लिए निर्धारित किए गए दरों के पहले का है।